फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोकायुक्त के बुलावे पर भी नहीं आए ठेकेदार

Fri, 31 Jan 2014 09:50 AM IST
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
मायावती सरकार में बेची गई सरकारी चीनी मिलों को खरीदने की दौड़ में शामिल लोग अब जुबान खोलने से बच रहे हैं।
विज्ञापन


बिक्री प्रक्रिया के दौरान टेंडर में हिस्सा लेने वाले दो बिडर्स बृहस्पतिवार को पूछताछ के लिए लोकायुक्त के समक्ष हाजिर नहीं हुए।

इस मामले में तलब किए गए अन्य लोगों का रुख देखने के बाद हाजिर न होने वालों के  बारे में फैसला किया जाएगा।

मायावती सरकार में मुख्य सचिव रहे अतुल कुमार गुप्ता और तत्कालीन गन्ना एवं चीनी उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव नेतराम से पूछताछ के बाद लोकायुक्त ने कुछ बिंदुओं पर लिखित जवाब मांगा है।
विज्ञापन


नेतराम से 11 फरवरी तथा अतुल गुप्ता से 14 फरवरी तक लिखित उत्तर देने को कहा गया है।

21 मिलों की बिक्री में हुए 1180 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच कर रहे लोकायुक्त एन.के. मेहरोत्रा ने बृहस्पतिवार को लखनऊ के  सलिल बैजल व वाराणसी के सत्येंद्र कुमार को तलब किया था। लेकिन दोनों ही नहीं पहुंचे।
विज्ञापन


लोकायुक्त का कहना है कि कई अन्य बिडर्स को भी नोटिस जारी करके अलग-अलग तिथियों में बुलाया गया है।

सभी का रुख देखने के  बाद तय किया जाएगा कि जो हाजिर नहीं हो रहे हैं उनके बारे में क्या करना है?

लोकायुक्त के अनुसार अतुल गुप्ता व नेतराम का बयान दर्ज कर लिया गया है। दोनों से कुछ और जानकारियां मांगी गई हैं।

अभी तक  की पूछताछ में दोनों ही अफसरों ने सफाई दी है कि चीनी मिलों के मूल्यांकन से लेकर बेचे जाने तक की प्रक्रिया में सीधे उनकी कोई भूमिका नहीं थी।

उनकी भूमिका केवल मूल्यांकनकर्ता का चयन करने तक थी। चयन करने के  बाद शासन को सूचित कर दिया गया। मूल्यांकनकर्ता की रिपोर्ट के  आधार पर ही बिक्री हुई।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें