राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद का मानना है कि मुफ्त बिजली के बजाय लगातार सस्ती बिजली देना उपभोक्ताओं के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। परिषद के अनुसार मुफ्त बिजली एक निश्चित अवधि के लिए दी जा सकती है जबकि सस्ती बिजली लंबे समय तक दी जा सकती है।
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उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि परिषद ने मुफ्त और सस्ती बिजली दोनों विकल्पों पर अध्ययन के बाद निष्कर्ष निकाला है कि सस्ती बिजली ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में फ्री और सस्ती बिजली बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है। राजनीतिक दल इसमें जुट भी गए हैं।
पश्चिम बंगाल के चुनाव में भाजपा ने 200 यूनिट फ्री बिजली का एलान किया तो उत्तराखंड में ऊर्जा मंत्री ने 100 यूनिट फ्री बिजली का वादा किया है। अब आम आदमी पार्टी ने यूपी में 300 यूनिट मुफ्त बिजली का एलान किया है। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दल चुनाव आते ही बड़ी-बड़ी घोषणाएं तो करते हैं, लेकिन ये होगा कैसे यह नहीं बताया जाता।