डॉ. अमिय अग्रवाल।
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के डॉ. अमिय अग्रवाल के मुताबिक, अगर दुर्घटना के बाद व्यक्ति के स्वाद में कमी आ जाए तो इसे नजरअंदाज न करें। सर्जन के पास जाकर सलाह लेनी चाहिए। समय रहते इलाज से यह समस्या दूर हो सकती है। डॉ. अमिय अग्रवाल शनिवार को शताब्दी-2 भवन के सभागार में चल रही कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे।
एसोसिएशन ऑफ ट्रॉमा एंड ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स की ओर से आयोजित कॉन्फ्रेंस में डॉ. अमिय अग्रवाल ने बताया कि कई बार दुर्घटना में चेहरे या सिर में चोट लगने के बाद स्वाद में कमी आने की समस्या होती है। यह स्वाद ग्रंथियों के चोटिल होने से हो सकता है। समय रहते मैक्सिलोफेशियल सर्जन के पास जाकर इसका इलाज हो सकता है। सुन्नपन की समस्या का इलाज भी संभव है। कई बार आंख के चारों ओर चोट लगने पर व्यक्ति को हर चीज दो-दो नजर आने लगती है। यह समस्या भी जल्द से जल्द सर्जरी करके दूर की जा सकती है।
समन्वय से बेहतर होगी सर्जरी
ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. यूएस पाल के मुताबिक, घायल की बेहतर सर्जरी के लिए सभी विभागों में समन्वय जरूरी है। चेहरे पर चोट लगने पर मस्तिष्क यानी न्यूरो सर्जन का रोल जरूरी होता है। आंख पर चोट लगने पर नेत्र विशेषज्ञ की भूमिका बढ़ जाती है। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की जरूरत भी रहती है। इसलिए इन सबके सहयोग से सर्जरी बेहतर तरीके से की जा सकती है।