चरक फ्लाईओवर का अधूरा निर्माण आठ महीने के इंतजार के बाद अब पूरा हो सकेगा। पुरातत्व एनओसी मिलने के बाद सेतु निगम ने हुसैनाबाद ट्रस्ट के प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण कार्य शुरू करा दिया है।
जुलाई के अंत तक निर्माण पूरा करने की योजना सेतु निगम की है। ध्यान रहे कि चौक से विक्टोरिया स्ट्रीट के बीच 2.5 किमी. लंबे इस फ्लाईओवर पर 110 करोड़ रुपये का खर्चे का अनुमान है।
सेतु निगम के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को मंडलायुक्त कार्यालय से पुरातत्व एनओसी का आदेश जारी कर दिया गया।
इससे पहले राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण ने अपनी अनापत्ति मंडलायुक्त को भेज दी थी। काम तेजी से पूरा करने के लिए एमडी अरविंद श्रीवास्तव ने निर्देश अधिकारियों ने दिए हैं।
लंबे समय तक चला विवाद
सेतु निगम और एएसआई के बीच प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण के लिए लंबे समय तक विवाद चला। जहां केस दर्ज कर एएसआई ने काम रुकवा दिया वहीं स्थानीय सांसद व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के प्रयास पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने निरीक्षण कर अधिकारियों में सहमति बनाई। इसके बाद पुरातत्व एनओसी मिलने में करीब छह महीने लग गए।
15 अगस्त से पहले ट्रैफिक दौड़ाने की तैयारी
सेतु निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जुलाई में निर्माण पूरा कर इस फ्लाईओवर पर ट्रैफिक अगस्त में शुरू करना है। 15 अगस्त से पहले यहां ट्रैफिक दौड़ाने की तैयारी है। इसके लिए फ्लाईओवर के उतारने हुसैनाबाद की तरफ एप्रोेच रोड और पूर्व की बनी सड़क का रिनोवेशन होना है। रिटेनिंग वॉल का भी कुछ काम बाकी है। एलिवेटेड रूट का अधिकांश सिविल वर्क पूरा हो चुका है। अब ऊपरी सतह बनाना और स्ट्रीटलाइट समेत अन्य फिनिशिंग के काम होने हैं।