लखनऊ। पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सुनील कुमार ने एक और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर उनके घर दबिश देने का आरोप लगाया है। सिपाही का कहना है कि यह उनकी आवाज दबाने का प्रयास है, पर वह टूटने वाले नहीं हैं।
रविवार को सिपाही ने 2.36 मिनट का चौथा वीडियो पोस्ट किया। मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी अपराध के काले अंग्रेज यानी पुलिस अधिकारी के आदेश पर शनिवार देर रात उनके घर पर छह-सात पुलिसकर्मियों ने दबिश दी। सिपाही ने इसे परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास बताया।
सिपाही ने कहा कि उनकी मां ने गीदड़ के बच्चे को नहीं शेर के बच्चे को जन्म दिया है। किसी भी हाल में वह न तो झुकने वाले हैं और न ही टूटने वाले हैं। कहा कि उनकी आवाज चुप करानी है तो उनकी हत्या करनी होगी। उन्होंने पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए समिति बनाने की मांग की। अंत में सिपाही ने होमगार्ड विभाग की तरह पुलिस विभाग में भी भ्रष्टाचार खत्म करने की पहल की बात की।
पुलिस ने आरोप को बताया गलत
पुलिस ने सिपाही सुनील कुमार के दबिश और परिजनों से गलत व्यवहार के आरोपों को पूरी तरह गलत ठहराया है। पुलिस के अनुसार, उन्हें बयान के लिए ईमेल और व्हाट्सऐप के माध्यम से नोटिस दिया गया था। इसी के साथ पुलिस की एक टीम नोटिस लेकर उनके आवास गई थी।
यह है मामला
अमेठी के गौरीगंज पूरे राम सेवक मिश्र गांव निवासी 2015 बैच के सिपाही सुनील कुमार ने अब तक चार वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए हैं। इनमें उन्होंने लखनऊ व अन्य जनपदों की पुलिस लाइन में वसूली का आरोप लगाया है। वह छह मई से 20 दिन के अवकाश पर हैं। उनकी पत्नी भी रायबरेली में सिपाही हैं।