कांग्रेस की फर्रुखाबाद से प्रत्याशी लुईस खुर्शीद केअच्छे कामों की वजह से उन पर झूठे केस लादे गए हैं। उन पर फर्रुखाबाद समेत 17 जिलों में चार सौबीसी, अमानत में ख्यानत और आपराधिक षड्यंत्र के मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। इसके बावजूद उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने की वजह कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्पष्ट की है। कई अन्य प्रत्याशियों के आपराधिक रिकॉर्ड के साथ उन्हें मैदान में उतारने का भी कारण बताया गया है।
लुईस खुर्शीद पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी हैं। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत प्रत्याशियों के आपराधिक रिकॉर्ड पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। लुईस खुर्शीद के बारे में कहा है कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा काम किया है। बड़ी संख्या में वंचित लड़कियां उनकी मदद से पब्लिक स्कूलों में पढ़ रही हैं। उनके खिलाफ दर्ज केस गलत हैं और उनके समाजसेवा के बेहतरीन काम की वजह से लगाए गए हैं। ये केस 10 साल पहले दर्ज कराए गए हैं और अभी तक कोई प्रगति नहीं है।
कानपुर कैंट से पार्टी प्रत्याशी और मौजूदा विधायक सुहेल अख्तर अंसारी के खिलाफ भी आईपीसी की विभिन्न धाराओं और महामारी एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं। कांग्रेस का कहना है कि वे लंबे समय से समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष भी हैं। अंसारी अन्य दावेदारों के मुकाबले बेहतर हैं। इसलिए उन्हें प्रत्याशी बनाया गया है। बरेली के मीरगंज विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी मो. इल्यास के खिलाफ भी थाना मीरगंज में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज हैं।
कांग्रेस का कहना है कि अन्य दावेदारों से बेहतर होने के कारण इल्यास को पार्टी प्रत्याशी बनाया गया है। महोबा से पार्टी प्रत्याशी सागर सिंह, बिल्हौर सुरक्षित सीट से उषा रानी कोरी, अलीगढ़ से सलमान इम्तियाज, लखनऊ मध्य से सदफ जफर, रामनगर से ज्ञानेश शुक्ला, जसराना से विजय नाथ सिंह वर्मा और रुधौली से पार्टी प्रत्याशी बसंत चौधरी पर दर्ज मुकदमों के बारे में भी कांग्रेस ने इसी तरह का स्पष्टीकरण दिया है।