पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजस्थान के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए सरकार पर किसानों को तबाही के कगार पर पहुंचाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, मोदी सरकार जनता से किए वादों से मुकर गई है। अभूतपूर्व कृषि संकट के दौर में भी प्रधानमंत्री विदेशों में ड्रम्स और वायलिन बजाने में मस्त हैं। जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है। भाजपा नेता बहुमत के घमंड में हैं। पूरी सरकार एक व्यक्ति चला रहा है।
सचिन पायलट शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा, पूर्ण बहुमत से आई मोदी सरकार ने किसानों और कृषि क्षेत्र की घोर अनदेखी की है।
फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में मामूली बढ़ोतरी की गई। यूरिया की किल्लत रही, दाम भी बढ़ाए गए। मोदी ने कहा था कि फसल की लागत पर किसानों को 50 प्रतिशत मुनाफा दिया जाएगा। अब सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा गया है कि लागत पर 50 प्रतिशत मुनाफा देना संभव नहीं है।
स्वच्छता अभियान के बजट में की गई भारी कटौती
सचिन पायलट ने कहा कि साल में आठ बार पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ है। सोशल सेक्टर के बजट में 67 हजार रुपये की कटौती कर दी गई। प्रधानमंत्री झाडू लेकर भले ही स्वच्छता अभियान का नाटक करते हों लेकिन स्वच्छता का बजट 15 हजार करोड़ रुपये से घटाकर 6 हजार करोड़ रुपये कर दिया।
पायलट ने कहा, यूपीए सरकार ने तीन साल में 40 दलों की सहमति से भूमि अधिग्रहण कानून बनाया था। उस समय सुमित्रा महाजन की अध्यक्षता में सलेक्ट कमेटी ने 26 संशोधन प्रस्तावित किए थे।
तब सुषमा स्वराज समेत सभी नेताओं ने भूमि अधिग्रहण बिल का समर्थन किया था। कॉरपोरेट घरानों का एहसान उतारने के लिए मोदी सरकार भूमि अधिग्रहण कानून बदलने के लिए अध्यादेश ले आई।
सीवीसी, लोकपाल, सीआईसी को खत्म करना चाहती है सरकार
पायलट ने कहा कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त, लोकपाल और मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति नहीं की। सरकार की मंशा इन संस्थाओं को खत्म करने की है।
कारपोरेट घरानों को दी 2.50 लाख करोड़ रुपये की रियायत
सचिन पायलट ने कहा कि केंद्र सरकार ने मध्यम वर्ग पर सर्विस टैक्स की मार डाल दी।
जबकि कॉरपोरेट टैक्स में 5 प्रतिशत की छूट देकर कॉरपोरेट घरानों को 2.50 लाख करोड़ रुपये की रियायत दी गई। भाजपा खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश की खिलाफत करती थी लेकिन इसे मंजूरी दे दी।
ध्रुवीकरण की कोशिशें जारी:
पायलट ने कहा कि भाजपा के सांसद व मंत्री चुनाव के दौरान किए गए वादों पर अमल करने के बजाय ध्रुवीकरण की कोशिश में लगे हैं।
महंत आदित्यनाथ, साध्वी निरंजन ज्योति, साक्षी महाराज जैसे नेता इसी काम में लगे हैं। मदर टेरेसा तक को नहीं बख्श रहे।
क्या अटल सरकार को भी शर्मनाक मानते हैं मोदी
सचिन पायलट ने विदेशी धरती से देश के खिलाफ नकारात्मक टिप्पणी की निंदा की। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि 2014 से पहले भारत के लोग शर्मिंदगी महसूस करते थे।
उन्होंने पूछा कि क्या मोदी अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में छह साल चली सरकार को भी शर्मनाक मानते है?
जाट, गुर्जरों को न्याय दिलाए सरकार:
पायलट ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राजस्थान में गुर्जरों को आरक्षण का अलग से कोटा दिया और जाटों को केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण का लाभ दिया। ये दोनों मामले अब अदालत में हैं। केंद्र सरकार को प्रभावी पैरवी करके गुर्जरों व जाटों को न्याय दिलाना चाहिए।