प्रियंका गांधी वाड्रा (फाइल फोटो)
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के दिल्ली जाते ही कांग्रेसी मानो प्रतिज्ञा यात्राओं को भूल गए हैं। जोनवार निकाली जाने वाली इन यात्राओं का कार्यक्रम दो बार टल चुका है। अब भी इसके प्रारंभ होने की तिथि तय नहीं है। इस अभियान के जरिए कांग्रेस ने जन-जन तक अपनी नीतियां पहुंचाने की योजना बनाई है। साथ ही सपा-बसपा व भाजपा सरकारों की खामियां भी बताई जाएंगी।
प्रियंका की मौजूदगी में 10 सितंबर को लखनऊ में पार्टी की सलाहकार व रणनीति कमेटी की बैठक हुई थी। इसमें निर्णय लिया गया था कि 12 हजार किलोमीटर की ‘कांग्रेस प्रतिज्ञा यात्रा : हम वचन निभाएंगे’ निकाली जाएगी।
पार्टी का दावा है कि यह यात्रा भाजपा सरकार के खिलाफ जनता के गुस्से को स्वर देगी और कांग्रेस के असल विकल्प होने का दावा पेश करेगी। इसमें भ्रष्टाचार, महंगाई, बढ़ते अपराध, महिला हिंसा, बेतहाशा बेरोजगारी और लचर स्वास्थ्य सेवाओं को मुद्दा बनाया जाएगा। प्रदेश के सभी बड़े शहरों, कस्बों व गांवों से होकर ये यात्राएं गुजरेंगी।
उस वक्त यह यात्रा 20 सितंबर के आसपास निकालने की योजना बनाई गई थी। बाद में तय हुआ कि श्राद्ध पक्ष में शुभारंभ उचित नहीं होगा, इसलिए इसे नवरात्र में प्रारंभ किया जाएगा। 10 अक्तूबर को हुई वाराणसी रैली के तत्काल बाद इन यात्राओं को शुरू करने की बात कही गई। लेकिन, 12 अक्तूबर को प्रियंका लखीमपुर में किसानों को अरदास देने के बाद दिल्ली रवाना हो गईं।
उसके बाद से अभी तक प्रतिज्ञा यात्रा के बारे में कोई कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है। पार्टी के प्रदेश संगठन सचिव अनिल यादव इतना जरूर कहते हैं कि यात्राएं प्रारंभ करने की तिथि जल्द तय होने की उम्मीद है।