आरक्षण चार्ट बनते ही एसएमएस के जरिये सीट की स्थिति की जानकारी देने की
रेलवे की योजना रविवार को शुरू हो गई।
रविवार को भीड़ कम होने के कारण
सेंटर फॉर रेलवे इनफारमेशन सिस्टम (क्रिस) ने चार्टिंग सिस्टम से मोबाइल
फोन नंबर को लिंक कर दिया।
इसके बाद रेल आरक्षण का चार्ट बनते ही कम्प्यूटर
में दर्ज यात्रियों के मोबाइल फोन नंबर पर कंफर्म बर्थ या फिर वेटिंग की
स्थिति का एसएमएस मिलने लगा।
मोबाइल में पहली बार कन्फर्म सीट का एसएमएस
मिलते देख यात्रियों के चेहरे खिल गए।
रेलवे
ने पहले दिन करीब पांच लाख यात्रियों को एसएमएस भेजकर उनकी सीटों की
जानकारी दी। अब तक यात्रियों को अपने पीएनआर की स्थिति का पता लगाने के लिए
139 पूछताछ सेवा पर एसएमएस करना पड़ता था।
जबकि आईआरसीटीसी ई टिकट बनाते
समय दर्ज हुए मोबाइल नंबर पर चार्ट बनने के बाद सीटों की स्थिति का एसएमएस
भेजता था।
रेलवे ने अपने रेल आरक्षण केंद्रों के काउंटरों पर बनने वाले
टिकटों की वेटिंग का पता लगाने के लिए क्रिस की गेटवे एसएमएस सेवा का
उद्घाटन एक सप्ताह पूर्व दिल्ली में एक सेमिनार में किया था।
क्रिस की यह
योजना दो चरणों में लागू होगी। पहले चरण में वेटिंग से कंफर्म होने तक हर
बदलती हुई स्थिति का मुफ्त में एसएमएस यात्रियों को भेजने की योजना शुरू हो
गई।
दूसरे चरण में ट्रेनों की लेट लतीफी व पल-पल बदलती स्थिति का एसएमएस
भी इसी तरह से भेजा जाएगा। रेलवे के काउंटरों से रोजाना देश भर में पांच से
छह लाख आरक्षित श्रेणी के टिकट बनते हैं।