लखनऊ। मोहनलालगंज में धर्मांतरण गिरोह के राजफाश का मामला अब तूल पकड़ रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और हाईकोर्ट के अधिवक्ता अनघ शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसकी शिकायत की है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रकरण से अवगत कराया है। अधिवक्ता का आरोप है कि गृह विभाग या संबंधित अधिकारी इस गंभीर मामले में ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
अधिवक्ता का आरोप है कि धर्मांतरण का खेल लखनऊ और काशी दोनों जगह बड़े स्तर पर चल रहा है। समाचार पत्रों में भी यह मुद्दा गंभीरता से उठाया जा रहा है। इसके बावजूद पुलिस अधिकारी उदासीन हैं। अधिवक्ता ने पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी के गठन की मांग की है, ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
मोहनलालगंज पुलिस ने धर्मांतरण गिरोह का राजफाश कर सात लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरोह के सरगना डेनियल ने धर्मांतरण कराने की बात कबूल की थी। वह पिछले 28 साल से लखनऊ में सक्रिय था। ईसाई धर्म कबूल करने से पहले आरोपी का नाम बाल सुब्रमण्यम था।
घुमाने के नाम पर ले जाते हैं जालंधर
पड़ताल में सामने आया है कि टेढ़ीपुलिया के पास गिरोह के लोग प्रार्थना सभा बुलाते थे। इसमें ज्यादातर दलित समाज के लोगों को शामिल किया जाता था। इसके बाद इन्हें घुमाने और नौकरी दिलाने के नाम पर जालंधर ले जाया गया। बड़ी संख्या में लोग ऐसे हैं, जो वापस नहीं लौटे। नाम न लिखने की शर्त पर नगराम निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि गंगागंज में भी शारदा नहर के पास गिरोह से जुड़े लोग सक्रिय हैं।