भविष्य में एकीकृत व समग्र रूप से जल संसाधन की मांग व आपूर्ति का प्रबंधन करने के लिए महत्वपूर्ण सिफारिश की गई है। पहला, प्रदेश की सभी मुख्य आठ नदियों के लिए एक-एक बेसिन जल प्रबंधन प्राधिकरण का गठन किया जाए।
बेसिन स्तर पर उप बेसिक इकाइयों का गठन किया जाएगा। वर्तमान विभागीय अधिकारियों में से ही प्राधिकरण-उपबेसिन इकाइयों में अधिकारियों की तैनाती का सुझाव है।
जिला स्तर पर एकीकृत जल प्रबंधन कार्य डीएम के नेतृत्व में जल से संबंधित अधिकारियों को देने और ब्लॉक स्तर पर सहायक विकास अधिकारी एकीकृत जल प्रबंधन की तैनाती का प्रस्ताव किया गया है। इसी तरह हर जिले में खंड अधिशासी अभियंता के नेतृत्व में तीन सहायक अभियंताओं के साथ एक अलग संवर्ग गठित करने को कहा गया है।