उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बालिकाओं एवं दिव्यांगों की शिक्षा के लिए सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं। वहीं, सामाजिक समस्याओं के निराकरण एवं शिक्षा के व्यापारीकरण को रोकने के भी प्रयास किए गए हैं। इसके साथ ही देश की प्राचीनतम भाषा संस्कृत की महत्ता को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है।
सम्मेलन में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा , अपर मुख्य सचिव राज्यपाल महेश कुमार गुप्ता, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा मोनिका एस.गर्ग तथा छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता भी ऑनलाइन जुड़ी हुईं थीं।