बिजली बिल के आधार व्यापारियों का जीएसटी में पंजीकरण रद्द नहीं किया जा सकेगा। यानि व्यापारी द्वारा पंजीकरण कराते समय यदि गृह या संपत्तिकर या लीज एग्रीमेंट में से कोई एक भी दस्तावेज जमा किया गया है तो ऐसे मामलों में बिजली बिल के आधार पर पंजीकरण का निरस्तीकरण नहीं किया सकेगा। अपठनीय बिजली बिल के आधार पर एक व्यापारी का पंजीकरण रद्द करने के मामले में हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी के बाद वाणिज्यकर आयुक्त मिनिस्ती एस ने सभी अधिकारियों को नियमावली के मुताबिक ही पंजीकरण निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल विभाग के अधिकारी द्वारा एक व्यापारी का पंजीकरण इसलिए निरस्त कर दिया गया था कि पंजीकरण के लिए जमा दस्तावेजों के साथ लगाया गया बिजली का बिल पठनीय नहीं था। संबधित व्यापारी ने उस अधिकारी के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दिया था। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अधिकारी के कार्रवाई को अवैधानिक बताते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर निर्णय देते हुए ‘कास्ट अवार्ड’ (व्यापारी को हुए नुकसान की भरपाई करने) का आदेश पारित किया था।
इस पर वाणिज्यकर आयुक्त ने भी सख्ती दिखाते हुए सभी जोन के एडिशनल, जाइंट व डिप्टी कमिश्नर और वाणिज्यकर अधिकारियों को जीएसटी अधिनियम की धारा-25 में निर्धारित प्रक्रिया केतहत ही व्यापारियों के पंजीकरण की कार्यवाही पूरा करने के निर्देश दिए हैं। कमिश्नर ने जीएसटी नियमावली के खंड ए और खंड बी में निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर पंजीकरण की कार्यवाही करते हुए व्यापारियों की उत्पीड़न करने के भी निर्देश दिए हैं।