चुनाव आयोग जितने मन से चुनाव की तैयारियां में लगा हुआ है उससे ज्यादा उसका फोकस इस बात पर है कि सभी मतदाता वोट डाल सकें लेकिन प्रशासनिक मशीनरी उसकी इस मंशा पर पलीता लगाने पर जुटी हुई है।
मतदान की तारीख नजदीक आ रही है लेकिन वोटर कार्ड और वोटर लिस्ट की खामियां दूर नहीं हो पा रही हैं। जिला प्रशासन की लापरवाही से अब तक हजारों लोगों को रंगीन वोटर कार्ड नहीं मिल सके हैं।
राजधानी में पहले नए रंगीन वोटर कार्ड 30 मार्च को वितरित कराने की तैयारी थी लेकिन फीडिंग पूरी न होने के कारण इसे लोकसभा चुनाव का नामांकन पूरा होने के बाद वितरित करने का निर्णय लिया गया।
10 अप्रैल को खत्म हुई नामांकन प्रक्रिया के बाद 15 अप्रैल से चरणबद्ध स्तर पर नए वोटर आई डी कार्ड वितरित कराने की घोषणा प्रशासन ने की थी, लेकिन इसे फिर टाल दिया गया है क्योंकि अधिकारियों को अभी तक नए वोटर कार्ड ही नहीं मिले हैं।
31 जनवरी के बाद नया वोटर बनने वाले मतदाताओं को रंगीन वोटर कार्ड पाने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। आयोग द्वारा नामित कार्यदायी संस्था की लापरवाही से सोमवार को भी प्रशासन को नए वोटर कार्ड नहीं मिले।
इसके चलते चरणबद्ध तरीके से मंगलवार से शुरू किए जाने वाले प्रस्तावित वितरण को फिलहाल दो दिन के लिए टालना पड़ा है। नए रंगीन वोटर आई कार्डों का वितरण अब 17 अप्रैल से हर वीआरसी सेंटरों से एक साथ शुरू कराने की तैयारी है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि 31 जनवरी के बाद फॉर्म-6 भरकर नाम दर्ज कराने वाले सभी नए वोटरों के तैयार रंगीन वोटर कार्ड अब मंगलवार रात अथवा बुधवार दोपहर तक आने की संभावना है।
इसके बाद ही लखनऊ सीट के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में बने संबंधित वीआरसी सेंटरों पर कार्डों को भिजवा कर बीएलओ के माध्यम से मतदाताओं के घरों पर भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि मतदाताओं को इसके लिए परेशान होने अथवा वीआरसी केंद्रों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है।
आयोग द्वारा फॉर्म-6 में दर्ज मतदाताओं की सूचना के सत्यापन व फीडिंग के बाद नए रंगीन कार्डों को वितरण के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है।
एडीएम प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि नए रंगीन वोटर आईडी कार्डों को मतदान तिथि से आठ दिन पूर्व तक शत प्रतिशत तौर पर वितरित करा दिया जाएगा।
इसके लिए हर विधान सभा क्षेत्र में नामित एआरओ के अधीन तैनात सभी 3237 बीएलओ को एक साथ वितरण कार्य पर लगाया जाएगा।
कार्ड के वितरण में बीएलओ स्तर से बरती जाने वाली किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। ऐसी शिकायतों के सत्यापन के आधार पर मौके पर ही आरोपित के खिलाफ आयोग के दिशा निर्देशानुसार कार्रवाई तय होगी।