प्रदेश के 11 विधानसभा व एक संसदीय सीट पर उपचुनाव की घोषणा होने के साथ ही 13 जिलों में आचार संहिता लागू हो गई है।
आचार संहिता लगने के साथ ही संबंधित जिलों में मंत्रियों के दौरे, सरकारी वाहनों का उपयोग, विज्ञापन व सरकारी गेस्ट हाउसों का प्रयोग पर पाबंदी लग गई।
हालांकि विकास कार्य उसी विधानसभा व लोकसभा क्षेत्र में प्रभावित होंगे जहां चुनाव होने हैं।
यहां होने हैं उपचुनाव
संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी रमाकांत पांडेय ने बताया कि प्रदेश में मैनपुरी, इटावा, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, गौतमबुद्धनगर, खीरी, लखनऊ, हमीरपुर, महोबा, कौशाम्बी, बहराइच व वाराणसी में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है।
संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में सरकार नई परियोजनाओं, कार्यक्रम, रियायतों, वित्तीय अनुदानों की घोषणा नहीं कर सकेगी।
मनरेगा योजनाओं के कार्यों के साथ ही प्राकृतिक आपदाओं सूखा व बाढ़ में राहत नहीं दी जा सकेगी। सांसद, विधायक की स्थानीय विकास निधि से कराये जाने वाले कार्य भी नहीं होंगे।
मामला कोर्ट में होने से कैराना का चुनाव फंसा
शामली जिले की कैराना विधानसभा सीट के उपचुनाव की अभी घोषणा नहीं हुई है। दरअसल, कैराना का चुनाव फंस गया है।
यहां पर वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव भाजपा के उम्मीदवार हुकुम सिंह चुनाव जीते थे। लेकिन उनके निर्वाचन को सपा उम्मीदवार नाहिद हसन ने कोर्ट में चुनौती दे दी थी।
अभी यह चुनाव याचिका फाइनल नहीं हुई है। वहीं, लोकसभा के चुनाव में हुकुम सिंह कैराना से ही सांसद चुन लिए गए। इस कारण विधानसभा सीट खाली हो गई।
लेकिन चुनाव याचिका होने के कारण चुनाव आयोग ने कैराना उपचुनाव की घोषणा नहीं की है।