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नाम 'केयर हॉस्पिटल', वॉर्ड ब्वॉय बना डॉक्टर

Wed, 16 Oct 2013 11:01 AM IST
मनीष कुमार सिंह/लखनऊ
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घर में हॉस्पिटल चल रहा था वह भी बिना किसी एमबीबीएस डॉक्टर के ही, और तो और हॉस्पिटल का कोई एनओसी तक नहीं, ऑक्सीजन सिलेंडर भी छप्पर में लगे हुए थे...यकीन नहीं हो रहा है न? लेकिन यह सच है।
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मंगलवार को जब सीएमओ की टीम ने फैजुल्लागंज में चल रहे केयर हॉस्पिटल पर छापा मारा, तो कुछ इसी तरह के सच सामने आए।

सूत्रों के अनुसार सुबह 11.30 बजे सीएमओ की टीम (जिसमें डॉ. वीके वाजपेयी, वीपी वाजपेयी, डॉ. कमलेश यादव, डॉ. वीके चौधरी और एसीएम डॉ. शैलेंद्र गुप्ता थे) ने छापेमारी की।

इस दौरान टीम को साफ-सफाई के इतर कई और तरह की खामियां मिलीं। हॉस्पिटल में ब्लड ट्रांसफ्यूजन का काम वॉर्ड ब्वॉय कर रहा था जबकि यह जिम्मेदारी डॉक्टर की होती है।
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इतना ही नहीं टीम ने यह भी पाया कि हॉस्पिटल में कोई भी एमबीबीएस डॉक्टर नहीं है और न ही इस हॉस्पिटल को एनओसी ही प्राप्त है।

और तो और हॉस्पिटल में किसी भी तरह के रोगी आएं उनका इलाज एक ही डॉक्टर अयूब खान करता था जो एक आयुर्वेदिक डॉक्टर है।

अयूब का कहना था कि हॉस्पिटल के पास तीन एमबीबाएस डॉ. फारुकी, डॉ. अर्चना और डॉ. ध्रुव हैं लेकिन टीम को वे तीनों नहीं मिले।

टीम को हॉस्पिटल में भर्ती पन्द्रह मरीजों में से दो की हालत बहुत नाजुक मिली जिसे टीम ने 108 एंबुलेंस सर्विस से बलरामपुर हॉस्पिटल रेफर किया।

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साथ ही टीम ने हॉस्पिटल को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि सभी मरीजों को डिस्चार्ज किया जाए।

यह भी खबर आ रही है कि इस दौरान टीम बार-बार हॉस्पिटल के मालिक के बारे में पूछती रही लेकिन किसी ने भी उसका नाम नहीं बताया।

बताया जा रहा है कि मरीजों के डिस्चार्ज होते ही हॉस्पिटल में ताला लटकाया जा सकता है।

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