डॉ. दिनेश शर्मा उप मुख्यमंत्री (मंत्री आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स के रूप में), स्वामी प्रसाद मौर्य श्रम एवं सेवायोजन मंत्री, राजेश अग्रवाल वित्त मंत्री, सत्यदेव पचौरी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री, चेतन चौहान व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री। डॉ. अनूप चंद्र पांडेय मुख्य सचिव, संजीव मित्तल अपर मुख्य सचिव वित्त, मुकुल सिंघल अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक, आलोक सिन्हा अपर मुख्य सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, सुरेश चंद्रा प्रमुख सचिव श्रम, एमडी यूपीएसआईडीसी, एमडी यूपी डेस्को व एमडी यूपीएलसी।
जानकार बताते हैं कि लंबे समय से कई विभागों में रिक्त पदों के सापेक्ष संविदा पर कर्मचारी कार्यरत हैं। सरकार दिसंबर 2001 तक नियुक्त कर्मियों को नियमित कर चुकी है। इसके बाद नियुक्त संविदा कर्मी नियमित होने की बाट जोह रहे हैं। सृजित पद पर नियुक्ति होने की वजह से संविदाकर्मी को मूल वेतन व महंगाई भत्ता, आकस्मिक अवकाश मिलता है। नियमित न होने से इन्हें एचआरए व नगर प्रतिकर भत्ता नहीं मिलता। आउटसोर्सिंग कर्मियों के बारे में योगी सरकार की पहल से संविदा कर्मियों को भी अपने दिन बहुरने की उम्मीद बढ़ गई है।