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यूपी में स्टार्टअप के लिए बनेगी एक हजार करोड़ रुपये का कॉपर्स फंड: योगी आदित्यनाथ

Thu, 31 Aug 2017 01:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप के लिए एक हजार करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड बनाया जाएगा। किसी भी युवा को स्वरोजगार शुरू करने के लिए फंड की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलेपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (सिडबी) के साथ 15 सितंबर तक एमओयू भी कर लिया जाएगा। उन्होंने युवाओं से अभिनव प्रयोग करने का आह्वान भी किया, ताकि आम लोगों की जिंदगी में बदलाव आ सके। साथ ही डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने के लिए 27 हजार गांवों तक ऑप्टिकल फाइबर लाइन पहुंचाने का अपनी सरकार का संकल्प भी दोहराया।
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सीएम योगी आदित्यनाथ बुधवार को साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में स्टार्टअप यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर अपने विचार रख रहे थे। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्टार्टअप के लिए एक निश्चित समय तक 15 हजार रुपये महीना अनुदान और 10 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि कोई भी व्यक्ति खुद में सर्वगुण संपन्न नहीं हो सकता। जिस तरह से क्रिकेट टीम में अगर सभी खिलाड़ी बैटिंग के ही माहिर हों तो वह टीम कभी सफल नहीं हो सकती, उसी तरह समाज को आगे बढ़ाने के लिए भी अलग-अलग मेधा और गुणों से लैस लोगों की जरूरत होती है।

कांग्रेसी निजाम ने नहीं की आम लोगों की चिंता
सीएम योगी ने कांग्रेस के निजाम पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद जो सरकारें बनीं, उनका उद्देश्य किसी भी तरह सत्ता में बने रहना था। समाज और आम लोग उनके केंद्र में नहीं थे। पहली बार पीएम नरेंद्र मोदी ने उस दायित्व को निभाया है। वे जहां गरीबों के हित में लगातार नीतियां बना रहे हैं, वहीं उन्हें नेतृत्व दे सकने की क्षमता रखने वाले लोगों की भी उपेक्षा नहीं कर रहे हैं।
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विश्वविद्यालयों में स्थापित किए जाएंगे इन्क्युबेटर
सीएम ने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार के लिए मुद्रा योजना चलाई है। स्टार्टअप से संबंधित समस्याओं के हल के लिए कॉल सेंटर चलाया जा रहा है, वहीं जल्द ही एक मोबाइल एप भी लॉन्च किया जाएगा। सीएम ने कहा कि इन्क्युबेटर की स्थापना के लिए विश्वविद्यालयों को न सिर्फ एकमुश्त 25-25 लाख रुपये दिए जा रहे हैं, बल्कि इनके संचालन के लिए हर साल 5 लाख रुपये देने की व्यवस्था भी की है। इतना ही नहीं नहीं यहां रखे जाने वाले सलाहकारों को दो लाख रुपये मानदेय भी दिया जाएगा।

एससी-एसटी युवाओं को रोजगार देने में प्रगति धीमी

- फोटो : amar ujala
सीएम ने युवाओं का आह्वान किया कि वे शिक्षा को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रखें, बल्कि उसे व्यवहारिक धरातल पर उतारने का प्रयास करें। वे सरकार की ओर से चलाई जा रहीं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी रखें। प्रदेश में अनुसूचित जाति व जनजाति के 33 हजार महिला व पुरुषों को स्वरोजगार के लिए बैंकों से कम ब्याज दर पर लोन दिलवाने की व्यवस्था भी की गई है। यूपी में अभी इस योजना की प्रगति काफी धीमी है। सीएम ने कहा कि हाल ही में नोएडा और गाजियाबाद क्षेत्र के कुछ युवा उनसे मिलने आए थे। इन युवाओं ने बताया कि वे कचरे के मैनेजमेंट के लिए सस्ती तकनीक विकसित करने में लगे हैं। इसी तरह की सोच सभी युवाओं को विकसित करनी है।

बस चले तो बच्चों की जिम्मेदारी भी सरकार के ऊपर डाल दें
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आसपास के वातावरण को साफ-सुथरा रखने के लिए लोगों में सिविक सेंस (नागरिक बोध) नहीं है। अगर उनके घरों के बाहर कूड़ेदान रख दिए जाएं तो उसे भी उठाकर अपने घर के अंदर रख लेंगे। लोग अपनी सारी जिम्मेदारी सरकार के ऊपर डाल देते हैं। यही हाल रहा तो एक दिन ऐसा आएगा कि बच्चे पैदा करेंगे और उसके एक-दो साल बाद कहने लगेंगे कि इनका लालन-पालन सरकार करे।

प्लास्टिक की सड़केंबनाने का भी दिया सुझाव
उन्होंने चेन्नई का उदाहरण रखते हुए कहा कि वहां तकनीकी के जानकारों ने प्लास्टिक की सड़केंबनाना तक शुरू कर दिया है। इससे पॉल्युशन भी बचा और एक बार सड़क बनने के 5-10 साल बाद तक गड्ढा मुक्त करने का अभियान चलाने की भी जरूरत नहीं रह गई। सीएम ने कहा, याद रखें कि अच्छे अविष्कारक सामान्य बुद्धि वाले ही रहे हैं।
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छुट्टा गायें समाज की दी समस्या, हल के लिए सरकार की ओर न देखें

- फोटो : amar ujala
सीएम ने कहा कि दूध निकालने के बाद लोग गायों को सड़क पर घूमने के लिए छोड़ देते हैं। दूध तो खुद पीते हैं और चाहते हैं कि गायों के लिए चारा और गोबर का प्रबंध सरकार करे। कुछ विधायकों ने तो गायों के लिए हर गांव में एक गोशाला खुलवाने के सुझाव दिया। मैंने साफ कह दिया कि छुट्टा गोवंश समाज द्वारा दी गई समस्या है। इसलिए उसका हल भी समाज को ही ढूंढना होगा।

‘एक जिला-एक उत्पाद’ के लिए हर जिले में तैनात होगा एक युवा
सीएम ने कहा कि ‘एक जिला, एक उत्पाद’ की योजना को सफल बनाने के लिए प्रत्येक जिले में एक युवा को विशेष जिम्मेदारियां दी जाएंगी। सीएम ने भारत की प्राचीन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि आज वह सौहार्द और सहयोग की भावना एकदम खत्म हो गई है। अब गांव से शहरों की ओर पलायन शुरू हो गया है। इस समस्या का हमें हल निकालना होगा। उन्होंने कृषि क्षेत्र में काम करने की काफी संभावनाएं बताईं। कई उदाहरणों को सामने रखते हुए कहा कि तकनीक में थोड़े से बदलाव से यह संभव हो सकता है।

झोलाछाप डॉक्टरों के फेर में फंसकर बीमारी बढ़ा रहे लोग
सीएम ने कहा कि गांवों में लोग झोलाछाप डॉक्टरों के चक्कर में पड़कर अपनी बीमारियां बढ़ा रहे हैं। बीमारी कुछ होती है और इलाज किसी और का होता है।

जल्द ही इंटरनेट से जोड़े जाएंगे 27 हजार गांव
उन्होंने कहा कि प्रदेश के 27 हजार गांवों को सरकार ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ने जा रही है। इससे यह गांव इंटरनेट से जुड़ जाएंगे। सारी जानकारी युवाओं को गांव में बैठकर ही मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से हम पारिवारिक रिश्ते निभाते हैं, उसी तरह से सामाजिक रिश्ते भी निभाने चाहिए।
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