अयोध्या में दीपोत्सव पर सीएम योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
सीएम योगी ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि पर पहला दीप प्रज्वलित करने का सौभाग्य उन्हें मिला। रामलला का भव्य मंदिर भारत की आस्था का सम्मान है, जो एक भारत-श्रेष्ठ भारत का प्रतीक है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि राम को नहीं मानने वाले, भक्तों पर गोलियां चलवाने वाले और अयोध्या को लाहुलुहान करने वालों को यह रास नहीं आ रहा है। ये लोग पहले सत्ता में रहकर दीपावली से दूरी बनाते थे, लेकिन सैफई में और कब्रिस्तान की बाउंड्री पर करोड़ों खर्च करते थे। अपने जन्मदिन पर बर्किंघम की बग्धी पर सवारी कर जनता को गुलामी की मानसिकता में धकेलते थे। अब वे फिर जातिवाद और विद्वेष के जाल में जनता को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि ऐसे रामद्रोही दीपोत्सव को कैसे पसंद करेंगे।
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अंधकार से उजाले की ओर बढ़ रहा है। दीपोत्सव जनता के सहयोग से वैश्विक पहचान बना रहा है। सरकार बिना रुके, बिना झुके विकास की यात्रा जारी रखेगी। भारत एक रहेगा तो कोई आस्था का अपमान नहीं कर पाएगा। सीएम योगी ने कहा कि लाखों श्रद्धालु इस कार्यक्रम के साक्षी बने, जो संतों, अधिकारियों और सलाहकारों की मेहनत का नतीजा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेशवासियों को दीपोत्सव व दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश सरकार के इस 'भव्य दीपोत्सव' को देखा और अंततः एक साथ एक स्थान पर इतनी बड़ी संख्या में दीप प्रज्ज्वलन को फिर से विश्व कीर्तिमान का दर्जा दिया। कीर्तिमान रचने में योगी सरकार के नेतृत्व में राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, इससे जुड़े महाविद्यालयों, इंटर कॉलेजों के शिक्षकों व छात्रों, स्वयंसेवी संस्थाओं, साधु-संतों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, पर्यटन-संस्कृति, सूचना विभाग समेत सभी की महती भूमिका निभाई।दीप प्रज्ज्वलन का नियत समय शुरू होते ही 'श्री राम जय राम जय जय राम' के जयघोष के साथ एक-एक कर 26 लाख 17 हजार 215 दीप जलाए गए। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों द्वारा कीर्तिमान रचने की घोषणा के साथ ही पूरी अयोध्या 'जय श्री राम' के उद्घोष से गुंजायमान हो उठी। इससे पहले विगत वर्ष भी दीप प्रज्ज्वजन का कीर्तिमान रचा गया था।
अभिभूत हुए योगी, पर्यटन-संस्कृति मंत्री व प्रमुख सचिव ने सौंपा प्रमाण पत्र
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि की तरफ से हुई घोषणा के दौरान ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अभिभूत हो गए। एक तरफ उनके चेहरे पर मुस्कान थी तो दूसरी तरफ दोनों हाथ उठाकर संतुष्टि व खुशी का भाव। योगी की यह भाव-भंगिमा देख हर कोई आह्लादित हो उठा। पर्यटन-संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह व प्रमुख सचिव (पर्यटन-संस्कृति) अमृत अभिजात ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रमाण पत्र सौंपा। योगी आदित्यनाथ ने दोनों प्रमाण पत्र ऊपर उठाकर सभी का अभिवादन करते हुए प्रसन्नता जाहिर की।