सीएम ने कहा कि सभी आकांक्षात्मक जिलों व ब्लॉकों में शिक्षक-छात्र का अनुपात बेहतर करें। सभी परिषदीय विद्यालयों में बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इन विद्यालयों में पेयजल, अच्छे क्लास रूम, बिजली की सुविधा, बाउंड्रीवाल व अच्छे फर्नीचर उपलब्ध कराया गया है।
समर कैंप चलाएं
योगी ने कहा कि पहले चरण में 13 डायट को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। डायट को एक संसाधन केंद्र के रूप में विकसित कर समावेशी शिक्षा को आगे बढ़ाया जाएगा। इसलिए आईआईएम लखनऊ और बंगलुरू जैसे संस्थानों के ट्रेनिंग मॉड्यूल से इसे जोड़ा जाए। उन्होंने अधिकारियों को समर कैंप चलाने के लिए भी निर्देश दिया। बच्चों को खेल-खेल में नई चीजों को सिखाने पर जोर देते हुए उन्होंने कैंप सुबह ही चलाने के निर्देश दिए।
छात्रों की उपस्थिति बढ़ी
सीएम ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हुए प्रयासों के परिणाम आज असर रिपोर्ट में साफ दिख रहा है। वर्ष 2024 की रिपोर्ट में प्रदेश की शिक्षा गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इससे यूपी अब टॉप परफॉर्मिंग प्रदेश बन गया है। प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति वर्ष 2010 में 57 फीसदी थी जो वर्ष 2024 में बढ़कर 71.4 प्रतिशत हो गई है। लड़कों की तुलना में बालिकाओं का नामांकन भी बढ़ा है।