यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से श्रमिकों से संवाद किया और उन्हें मई दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि दुनिया के नवनिर्माण में कामगारों और श्रमिकों के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश सरकार कामगारों और श्रमिकों के हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्घता के काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के लगभग 30 लाख श्रमिकों को जिन्हें एक हजार रुपये की पहली किस्त दे दी गई थी। उन्हें शुक्रवार से दूसरी किस्त देने का काम शुरू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 88 लाख मनरेगा मजदूरों को 611 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान कराया गया है। वर्तमान में आठ लाख से अधिक मनरेगा मजदूरों को प्रतिदिन कार्य सुलभ कराया जा रहा है। मनरेगा मजदूरों की मजदूरी बढ़ाई गई है। इसके अलावा, 18 करोड़ लोगों को दो चरणों में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा चुका है। शुक्रवार से तीसरे चरण का खााद्यान्न वितरण भी प्रारम्भ कर दिया गया है।
उन्होंने कामगारों व श्रमिकों से धैर्य रखते हुए लॉकडाउन के नियमों और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि कोरोना से अप्रभावित क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां शुरू कर दी गई हैं।
इस दौरान बाराबंकी के राजमिस्त्री अमर केश शर्मा ने मुख्यमंत्री से कहा कि पूर्व की सरकारों में पुलिस से डर लगता था। पहले पुलिस वारंट और डंडा लेकर आती थी और अब पुलिस खाना और राशन उपलब्ध कराकर हम लोगों की सेवा कर रही है।