मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनने से पांच सदी का इंतजार समाप्त हुआ है। कुछ लोगों को मंदिर के बन जाने से बुरा लग रहा है, जिन्हें बुरा लग रहा है उनका हम क्या कर सकते हैं। हम भारत की बहुसंख्यक जनता की आस्था को सम्मान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या, मथुरा और काशी सनातन धर्म की आस्था के तीन प्रमुख स्तंभ हैं। ये तीनों स्थल जैसे आज पूज्य हैं, उसी रूप में आगे भी बढ़ते हुए दिखाई देंगे। इसमें कोई संदेह नहीं है। सीएम योगी ने कहा कि सनातन धर्म सर्वे भवन्तु सुखिन: की बात करता है, लेकिन ये तभी संभव है, जब हम सुरक्षित रहेंगे।
सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के कुशल नेतृत्व में आज पूरा देश एक भारत श्रेष्ठ भारत के लिए कार्य कर रहा है। आज त्रिपुरा में सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल है। आज से सात-आठ वर्ष पहले यह संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि एक ओर यहां की डबल इंजन की सरकार त्रिपुरा के सर्वांगीण विकास के लिए डबल स्पीड से कार्य कर रही है तो वहीं दूसरी ओर त्रिपुरा में धार्मिक क्षेत्र में भी प्रगति हो रही है। सीएम योगी ने कहा कि त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश में पहले पर्व और त्योहार के दौरान दंगे होते थे। आज हमने उत्तर प्रदेश में दंगाइयों के लिए बुल्डोजर और भक्तों को प्रभु श्रीराम का मंदिर दे दिया है। उन्होंने कहा कि हम सबको ध्यान रखना होगा कि धर्म एव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षितः यानी अगर हम धर्म की रक्षा करेंगे तो धर्म आपकी भी रक्षा करेगा। वहीं अगर अपने स्वार्थ के लिए हम अपने धर्म का बलिदान करेंगे तो धर्म भी आपके साथ उसी प्रकार का व्यवहार करेगा। 'यतो धर्मस्ततो जयः' सनातन धर्म की यही शिक्षा है।
सीएम योगी ने कहा कि मां सिद्धेश्वरी की प्राण प्रतिष्ठा एवं मंदिर के उद्घाटन का यह कार्यक्रम हम सबके लिए महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि पूज्य संत शांतिकाली महाराज ने 1994 में आश्रम की श्रृंखला को आगे बढ़ाया था। शांतिकाली महाराज ने उस समय जो संकल्प लिए थे, उसे चितरंजन महाराज बिना रुके और बिना डिगे आगे बढ़ा रहे हैं। इसलिए भारत सरकार भी उनका सम्मान कर रही है। सीएम योगी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के एक हाथ में मुरली और दूसरे हाथ में सुदर्शन है। सुरक्षा के लिए केवल मुरली से काम नहीं चलेगा, उसके लिए सुदर्शन आवश्यक है और जब सुदर्शन हाथ में होगा तो फिर किसी शांतिकाली महाराज को बलिदान नहीं देना पड़ेगा।
सीएम योगी ने नारियल फोड़कर मंदिर का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने विधि विधान से माता सिद्धेश्वरी की पूजा अर्चना की। उसके बाद सीएम योगी ने मंदिर प्रांगण में पौधरोपण भी किया। वे मंदिर में आयोजित महायज्ञ में भी सम्मलित हुए और आहुति डाली। साथ ही लोककल्याण की कामना की।
कार्यक्रम में सीएम योगी के साथ महाराजा चित्त रंजन देबबर्मा, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद विप्लब देब, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव भट्टाचार्य, एनडीए के सहयोगी एवं त्रिपुरा राज परिवार के राजकुमार प्रमोद बिक्रम माणिक्य देब बर्मा, विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय सह मंत्री सचिंद्रनाथ सिन्हा, त्रिपुरा सरकार के मंत्री, विधायक एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
शांति काली आश्रम द्वारा प्रबंधित हैं 24 मंदिर
बरकथल स्थित यह नवनिर्मित मंदिर पूर्वोत्तर राज्य में शांति काली आश्रम द्वारा प्रबंधित 24 मंदिरों में से एक है। शांति काली आश्रम के प्रमुख महाराजा चित्त रंजन देबबर्मा हिंदू संस्कृति, परंपरा और धर्म की रक्षा के लिए काम करते रहे हैं। उन्हें पिछले साल पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।