मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुंभ को भगदड़, गंदगी, अव्यवस्था और अराजकता के रूप में प्रस्तुत किया गया था लेकिन 2019 के प्रयागराज कुंभ के बारे में हमारे विरोधी भी नकारात्मक स्वर से नहीं बोल सके। कुंभ ने भारत की संस्कृति, स्वच्छता, सुव्यवस्था और सुरक्षा का एक नया मानक प्रस्तुत किया।
पूरी दुनिया और यूनेस्को तक को भी कहना पड़ा कि दुनिया की मानवता की अमूर्त धरोहर है कुंभ। इंडोनेशिया, थाईलैंड, लाओस, कंबोडिया ये सभी देश बहुत विश्वास के साथ उस परंपरा और संस्कृति के साथ जुड़े रहे हैं। रामायण और महाभारत की कहानियां हमें बहुत कुछ सिखाती हैं। अयोध्या शोध संस्थान द्वारा तैयार रामायण विश्व महाकोश के पहले संस्करण की ई बुक को भी लॉन्च किया गया।
अंग्रेजी भाषा में विमोचन हुआ। संस्कृति विभाग दुनिया के 205 देशों से रामायण की मूर्त व अमूर्त विरासत संजो कर रामायण विश्व महाकोश परियोजना को साकार करने में जुटा है। विश्व महाकोश के प्रथम संस्करण का डिजाइन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर ने तैयार किया है।
विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों ने तो राम के अस्तित्व और अयोध्या पर ही सवाल उठाने का प्रयास किया था। रामजन्मभूमि आंदोलन के वक्त इतिहासकारों ने सवाल उठाए थे। यहां तक कहा गया कि ये वो अयोध्या ही नहीं, जहां राम पैदा हुए थे। यही विकृत मानसिकता भारत को अपने गौरव से वंचित कर रही है, जो चंद लोग भारत के खिलाफ माहौल बना रहे हैं, उन्हें जूठन में चंद रुपये मिल जाते हैं। पर, दुनियाभर में उनकी कहीं कदर नहीं हैं। पैसों के लिए अपनी आत्मा बेच चुके हैं।
यहां बसती है सनातन की आत्मा
योगी ने कहा कि आज एक नया प्रयास प्रारंभ हुआ है। यह गौरव की बात है कि भारत की सनातन हिंदू धर्म परंपरा में जो सात पवित्र नगरियां हैं, उनमें से तीन अयोध्या, मथुरा और काशी यूपी में है, जहां सनातन हिंदू धर्म की आत्मा निवास करती है। यह गौरव की बात है। योगी ने कहा कि हमारा यह प्रयास होना चाहिए कि दुनिया भर में होने वाली रामलीलाओं का मंचन अयोध्या में हो। कार्यक्रम में शामिल होने वाले कलाकारों को सम्मानित भी किया गया।