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उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी ने की लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा, लिए गए कई अहम फैसले

Sat, 23 May 2020 10:32 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी ने की समीक्षा बैठक - फोटो : ANI
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प्रदेश में कोरोना वायरस और लॉकडाउन की स्थिति पर मुख्यमंत्री योगी ने कोविड-19 की टीम-11 के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे जैसे सभी बड़े प्रोजेक्ट पर कार्य प्रारंभ करने की कार्रवाई की जाए। 

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इसी के साथ कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) और महिला स्वयं सहायता समूहों को इतना सुदृढ़ किया जाए कि वे स्थानीय स्तर पर अनाज का भंडारण कर सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मुस्लिम धर्मगुरुओं से संवाद बनाकर उनसे अपील कराएं कि लोग लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए घर पर ही नमाज पढ़ें और ईद-उल-फितर मनाएं।

मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अब तक 1018 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें प्रवासी कामगारों व श्रमिकों को लेकर प्रदेश में आ चुकी हैं। 178 ट्रेनें रास्ते में हैं। इसके अलावा, बसों और अन्य साधनों से भी प्रवासी कामगार आए हैं। 
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अब तक 21 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिक सुरक्षित प्रदेश में पहुंच चुके हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि आने वाले समय में भी प्रत्येक प्रवासी कामगार को सुरक्षित उनके गृह जनपद में घर तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य की सीमा में प्रवेश करते ही प्रवासी श्रमिकों को सबसे पहले भोजन व पेयजल उपलब्ध कराया जाए। 

उन्हें क्वारंटीन सेंटर में सुरक्षित पहुंचाकर फूड पैकेट उपलब्ध कराए जाएं। थर्मल स्कैनिंग के बाद स्वस्थ प्रवासी कामगारों को राशन किट देते हुए होम क्वारंटीन के लिए घर भेजा जाए। होम क्वारंटीन के दौरान उन्हें 1000 रुपये भरण-पोषण भत्ता भी दिया जाए। उनके घरों के बाहर अनिवार्य रूप से पोस्टर लगाए जाएं।

उन्होंने कहा कि प्रवासी श्रमिकों की स्किल मैपिंग की जाए, ताकि होम क्वारंटीन पूरा करने के बाद रोजगार की व्यवस्था की जा सके। राज्य में वापस आए प्रवासी नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कर्मियों की ट्रेनिंग कराई जाए।

गंगा एक्सप्रेस-वे की निर्माण लागत 20924 करोड़
बैठक में उन्होंने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे की निर्माण लागत 20,924 करोड़ रुपये और भूमि अधिग्रहण पर लगभग 9000 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। 16 लेन का यह एक्सप्रेस-वे मेरठ से प्रयागराज को जोड़ेगा। उन्होंने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का कार्य तेजी से चल रहा है।

इस पर 5535 श्रमिक, 1144 इंजीनियर और 3127 बड़ी मशीनें कार्य कर रही हैं। इसी प्रकार बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य में 2348 श्रमिक, 625 इंजीनियर व 2370 बड़ी मशीनें कार्य कर रही हैं। इस प्रोजेक्ट पर 296 किमी सड़क तथा 200 से अधिक मिट्टी के कार्य चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। 

मंडी स्थल पर विशेष सावधानी बरतें
सीएम योगी ने कहा कि लॉकडाउन के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। प्रभावी पेट्रोलिंग से सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी भीड़ एकत्र न हो। कंटेनमेंट जोन में आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी सुचारू रूप से की जाए। 

संक्रमण से बचाव की दृष्टि से मंडी स्थलों पर विशेष सावधानी बरती जाए। एक्सप्रेस-वे पर पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और एम्बुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

एन-95 मास्क व पीपीई किट के दोबारा इस्तेमाल की संभावना तलाशें
मुख्यमंत्री ने कहा कि एन-95 मास्क और पीपीई किट को दोबारा इस्तेमाल किए जाने की संभावनाएं तलाशी जानी चाहिए। इसके लिए यदि किसी संस्थान ने कोई तकनीक विकसित की है, तो उसका अध्ययन करते हुए जरूरी कदम उठाए जाएं। संक्रमण से सुरक्षा संबंधी सभी उपाय लागू करते हुए इमरजेंसी सेवाओं का संचालन किया जाए। 

 

टेस्टिंग क्षमता 10 हजार पहुंचाई जाए
सीएम ने कहा कि टेस्टिंग क्षमता को 10 हजार टेस्ट प्रतिदिन तक पहुंचाने के लिए 'ट्रूनैट' मशीन जैसे उपकरणों का शीघ्रता से प्रोक्योरमेंट किया जाए। इस माह के आखिर तक कोविड चिकित्सालयों में कुल बेड की संख्या को बढ़ाकर एक लाख किया जाए। 

उन्होंने राजस्थान में टिड्डी के प्रकोप को देखते हुए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विशेष आर्थिक पैकेज की योजनाओं के प्रदेश में प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कार्य योजना बनाते हुए प्रस्ताव भारत सरकार को भिजवाए जाएं। 

1247 ट्रेनों से 17.47 लाख लोगों को लाने की व्यवस्था
अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि देश में सबसे सर्वाधिक प्रवासी कामगार यूपी में आए हैं। प्रदेश में 1269 ट्रेनों के माध्यम से 17.47 लाख से अधिक प्रवासी कामगार व श्रमिकों को लाए जाने की व्यवस्था की गई है। 

अब तक 1018 ट्रेन से 13.54 लाख लोगों को लाया जा चुका है। अगले 24 घंटे में 178 ट्रेन और प्रदेश में आ जाएगी। उन्होंने बताया कि गोरखपुर में अब तक 163 ट्रेन से 2,00,247 कामगार, लखनऊ में 75 ट्रेन से 96,479 लोग आए हैं। वाराणसी में 67, आगरा में 10, कानपुर में 15, जौनपुर में 76, बरेली में 10, बलिया में 47, प्रयागराज में 44, रायबरेली में 18, प्रतापगढ़ में 44, अमेठी में 13, मऊ में 27, अयोध्या में 31, गोंडा में 57, उन्नाव में 27, बस्ती में 49 ट्रेन आई हैं। 

 
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आजमगढ़ में 27, कन्नौज में 2, गाजीपुर में 16, बांदा में 15, सुल्तानपुर में 22, बाराबंकी में 10, सोनभद्र में 02, अंबेडकरनगर में 18, हरदोई में 15, सीतापुर में 7, फतेहपुर में 7, फर्रूखाबाद में 1, कासगंज में 8, चंदौली में 9, मानिकपुर (चित्रकूट) में 1, एटा में 1, जालौन में 2, रामपुर में 1, शाहजहांपुर में 1, अलीगढ़ में 5, मिर्जापुर में 6, देवरिया में 51, सहारनपुर में 2, चित्रकूट में 2, बलरामपुर में 13, झांसी में 4, पीलीभीत में 1 ट्रेन आ चुकी हैं। 

कौशांबी, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, इटावा, कुशीनगर, हमीरपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी में भी ट्रेन आ रही हैं। प्रदेश में गुजरात से 397 ट्रेन से 5,65,333 लोग, महाराष्ट्र से 213 ट्रेन से 2,77,534 लोग, पंजाब से 171 ट्रेन से 1,95,129 प्रवासी कामगारों प्रदेश में आ चुके हैं।
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