मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 25 मार्च 2020 से लगातार कार्य हो रहा है। टीम 9 सिर्फ हेल्थ का नहीं सभी विभाग का काम देखती है। यह प्रयोग इंसेफेलाइटिस में किया गया था। कोविड में भी काम आया। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन के लिए पुलिस लगानी पड़ी। ऑडिटिंग करानी पड़ी।
कुछ राज्य पॉलिटिकल ब्लैक मेलिंग कर रहे थे लेकिन ऑडिट से ऑक्सीजन की जरूरत आधी हो गई है। करीब 549 में से 497 ऑक्सीजन प्लांट लग चुके हैं। पहले चरण में ऑक्सीजन के लिए उद्योग को बंद करना पड़ा लेकिन सेकेंड में नहीं करना पड़ा। हमने अनुभव से सीखा और प्रयोग किया।
कर्मचारियों की संख्या के अनुसार बेड और ऑक्सीजन की व्यवस्था कराई गई है। सभी निजी संस्थाओं में व्यवस्था की। पीपी किट तैयार किया। नीति आयोग व स्वास्थ्य मंत्रालय की हर गाइड लाइन को माना गया है। प्रधानमंत्री के संकल्प को लागू किया गया जिसका परिणाम सामने है। आज प्रदेश के 40 जिलों में कोरोना का एक भी केस नहीं आया। 13 केस आए है ये ज्यादातर बाहरी प्रदेश से आने वाले है।
थर्ड वेब की बात आई तो चिंता बढ़ी। एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट पर पीकू बनाए गए। चार ग्रुप बनाकर मेडिसिन किट तैयार की गई।