मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सत्ता को माफिया के हाथ गिरवी रख दिया जाता था। पर अब दुनिया जान चुकी है कि प्रदेश में अपराधियों के प्रति शासन की मंशा क्या है। सीएम ने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस की सरकारों ने प्रदेश में जातिवाद, परिवारवाद को बढ़ावा देकर दंगों की आग में झोंका था। लेकिन भाजपा सरकार ने साढ़े चार वर्ष में प्रदेश को भय, अपराध और दंगामुक्त कर देश में यूपी के प्रति नई धारणा स्थापित की है। कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, भाजपा प्रदेश महामंत्री प्रियंका रावत, बृज बहादुर और ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप मुख्य रूप से शामिल थे।
...तो चाचा-भतीजे में होती लूटने की होड़
सीएम ने कहा कि भारत दुनिया का पहला देश है जहां सौ करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। यदि कोरोना महामारी सपा शासन में आई होती तो चाचा-भतीजे में हड़पने और माफिया को ठेका देने की होड़ मच जाती। कांग्रेस से सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। बसपा राज में कोरोना होता तब तो भगवान ही मालिक होते।
उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को संवेदनहीन करार देते हुए कहा कि सपा शासन में जब बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चे इंसेफेलाइटिस से मर रहे थे तब अखिलेश पीड़ित बच्चों से मिलने की बजाय एक मांगलिक कार्यक्रम में जाना जरूरी समझा था।