मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने मुजफ्फरनगर व इसके आसपास हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए पूरी गंभीरता से काम किया है।
सरकार की कोशिश है कि राहत शिविरों में रुके हुए लोग जल्द ही अपने घरों को लौटें।
मुख्यमंत्री यहां अपने सरकारी आवास पांच कालिदास मार्ग पर गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष मुकेश चौधरी के नेतृत्व में मुजफ्फरनगर व शामली से आए प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर रहे थे।
अखिलेश ने बताया कि सांप्रदायिक हिंसा से प्रभावित लोगों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराने के साथ-साथ मृतक आश्रितों को नौकरी व घायलों को पेंशन उपलब्ध कराई गई है।
राहत शिविरों में ठहरने, चिकित्सा, खाद्य सामग्री व दैनिक उपयोग की जरूरी सुविधाएं भी दी गई हैं।
उन्होंने बताया कि अधिकारियों से स्पष्ट कहा गया है कि राहत शिविरों में व्यवस्था संबंधी कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को राहत शिविरों के अलावा मुजफ्फरनगर व शामली की अन्य स्थानीय समस्याओं की भी जानकारी दी।
चौधरी ने मुख्यमंत्री से मुजफ्फरनगर से शामली तक आने वाली सड़क की प्राथमिकता पर मरम्मत कराने, चरथावल कस्बे में बिजली आपूर्ति में सुधार कराने तथा शाहपुर व बगरा ब्लाक को डार्क जोन से हटाने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने इस पर कार्यवाही का आश्वासन दिया। इस मौकेपर आयोग के अध्यक्ष चौधरी और मुख्यमंत्री के बीच प्रदेश में बायोगैस प्लांट लगाए जाने संबंधी प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्लांटों के लगने से प्रदेश में बिजली की उपलब्धता बढ़ेगी। प्रतिनिधिमंडल में मेराजुद्दीन, अब्दुल्ला राणा, कारी गफ्फार, नौशाद अली व अयूब जंग आदि शामिल हैं।