स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने में मुख्य भूमिका निभाने वाली आशा को मानदेय 750 रुपये बढ़ाकर दिया जाएगा। ये धनराशि उनके प्रदर्शन के आधार पर दी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने शुक्रवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में इसकी घोषणा की। मौका था आरोग्य केंद्र, मातृ एवं शिशु विंग, टेलीमेडिसिन, टेलीरेडियोलॉजी सेवा के लोकार्पण का। इस मौके पर मुख्यंत्री जन आरोग्य अभियान की शुरुआत, लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड, आरोग्य केंद्र की जीएनएम और एएनएम को टैबलेट का वितरण और कॉफी टेबल बुक विमोचन भी मुख्यमंत्री ने किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कहा कि प्रदेश के आठ महात्वाकांक्षी जिलों सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, सोनभद्र, चंदौली, चित्रकूट, फतेहपुर में डॉक्टर जाने को तैयार नहीं थे। टेलीमेडिसिन के माध्यम से श्रावस्ती के जिला चिकित्सालय में नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के प्रत्येक गांव तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में टेलीमेडिसिन प्रभावी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि नेशनल मेडिकल मोबाइल यूनिट 53 जिलों में शुरू की गई। अब गरीबों को अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा बल्कि उनके घर पर अस्पताल जा रहा है। 750 आरोग्य केंद्रों का संचालन दोबारा शुरू हो रहा है। अब इनकी संख्या बढ़कर 2150 हो जाएगी।
100 बेड की 17 एमसीएच विंग की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि अलीगढ़, बिजनौर, इटावा, गोंडा, मुरादाबाद, सहारनपुर, आजमगढ़, बलिया, रायबरेली, बागपत, मऊ, कौशांबी, अंबेडकर नगर, अमरोहा, कन्नौज, महाराजगंज, औरैया में 100 बेड की मातृ एवं शिशु विंग की शुरुआत की गई है। इससे मां व शिशु की बेहतर देखभाल हो सकेगी। एएनएम और जीएनएम को टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। वह जनता को जो सुविधाएं दे रही हैं उनकी जानकारी दर्ज करेंगी तो मुख्यालय में बैठे व्यक्ति को जानकारी मिल जाएगी।