मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि पार्टी प्रत्याशियों के टिकट बदले जाने को लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वैसे भी राजनीति में कब क्या हो जाए, किसी को मालूम नहीं है। अखिलेश ने कहा कि जिसके पास तुरुप होगा वही जीतेगा।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय सहित तमाम मंत्रियों व विशिष्ट जनों की मौजूदगी में नवीन सचिवालय ‘लोकभवन’ का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने इस भवन में कैबिनेट की पहली बैठक की।
इसमें कई अहम फैसले किए।
यहां से वह सीधे मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बात करने पहुंचे। यहां सीएम अपने कार्यकाल की अहम उपलब्धियां बता ही रहे थे कि उनसे सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव द्वारा सीबीआई जांच का सामना कर रहे अमन मणि त्रिपाठी को टिकट देने और टिकट वितरण में उनकी भूमिका को लेकर सवाल शुरू हो गए।
अखिलेश ने कुछेक सवालों का जवाब सीधे दिया तो ज्यादातर के जवाब घुमाकर देने की कोशिश की। हालांकि सवालों के जवाब में उनके रुख का साफ संकेत नजर आया।
सीएम से सवाल व जवाब
सवाल- अमन मणि त्रिपाठी के खिलाफ आपने ही सीबीआई जांच का आदेश दिया था? सपा ने आज उसे टिकट दे दिया?
जवाब- विकास, तरक्की, खुशहाली हमारी प्राथमिकता है। यह पार्टी के अंदर की बात है। लेकिन आप तो हमारी राय जानते ही हो। न जानते हो तो बता दो।
सवाल- आपने कहा था कि टिकट वितरण में अधिकार चाहिए...
जवाब- कोई अधिकारों की लड़ाई नहीं है। मैंने विधानसभा में वादा किया था छठवां बजट पेश करूंगा। हो सकता है मेट्रो पर बैठकर आऊं। मेट्रो खोदाई का काम शुरू हो गया है। कोई दूसरे दलों से कितना भी बटोर ले, सपा से कोई मुकाबला नहीं है। मैंने सारे अधिकार जनता के पास छोड़ दिए। सब जनता को तय करना है।
सवाल- तो क्या आपको टिकटों को लेकर कोई जानकारी नहीं है?
जवाब- टिकट कटने और बंटने की जानकारी मुझे नहीं है। मैं सच बोलता हूं, झूठ नहीं बोल सकता। बताइए सच कहूं या पॉलिटकल हो जाऊं? कुछ आदतें बदली नहीं जा सकती। मेरी भी कुछ आदत है जिसे बदल नहीं सकता।..मुझे कुछ जानकारी नहीं है। मैं तो सीएम कार्यालय का उद्घाटन कर रहा हूं। कल मेट्रो का शिलान्यास करूंगा (कानपुर में)।
'पॉलिटिक्स कोई खेलने वाली चीज नहीं है'
सवाल- टिकट बंटवारे में क्या आपकी नहीं चल रही है?
जवाब- (सीधा जवाब न देकर ) गड्डी वाला (ताश का खेल) सुना होगा। कितनी अदला-बदली होती है? कौन जीतता है? आखिर जिसके पास तुरुप ज्यादा होगा वहीं जीतेगा न। मैं खेलता नहीं, किसी ने बताया है। मैं शतरंज खेलता हूं। तीन-दो-पांच ...। पॉलिटिक्स कोई खेलने वाली चीज नहीं है। मैं खेलता तो 22 महीने में एक्सप्रेस वे न बन जाता। इतनी जल्दी मेट्रो न तैयार हो जाती।
सवाल- आप हर बात में यदि लगा देते हैं। यदि दोबारा सत्ता में आए..यदि जीते...?
जवाब- क्या बसपा को पता था कि उसके नेता प्रतिपक्ष ही चले जाएंगे। राजनीति में क्या पता कल क्या हो जाए? आखिर मालिक तो जनता ही है। वही सब तय करेगी।
सवाल- क्या टिकट बदले जाएंगे?
जवाब- क्या चुनाव की घोषणा हो गई? क्या चुनाव की तारीख आ गई? तुरुप का इंतजार करो।
सवाल- आज से रथयात्रा शुरू होनी थी...
जवाब- मेरे पास तो कोई मेल नहीं आया है। हो सकता है कि पत्रकारों के पास आया हो।