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अखिलेश का तंज, नौकरी के बाद खादी पहनने को उतावले रहते हैं अफसर

Thu, 26 May 2016 09:27 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि बुंदेलखंड समेत प्रदेश भर में जरूरतमंद गरीबों को मुफ्त न्यू मॉडल चरखे बांटे जाएंगे। इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रस्ताव बनाकर देने को कहा है।
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मुख्यमंत्री ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से सप्ताह में कम से कम एक दिन खादी के कपड़े पहनने की अपील की, ताकि गांव-देहात में रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी हो सके। उन्होंने अफसरों के राजनीति में प्रवेश की महत्वाकांक्षा पर तंज कसते हुए कहा कि नौकरी के बाद अफसरों में खादी पहनने की होड़ लगी रहती है।

उन्होंने केंद्र सरकार पर विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि वह खादी को बढ़ावा देने के लिए समुचित कदम नहीं उठा रही है।

मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को अपने आवास पर खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि खादी को उचित स्थान देना हम सबकी जिम्मेदारी है। इससे गरीब तबके को रोजगार मिलता है और संपन्नता बढ़ती है। खादी के विकास के लिए सरकार कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी।
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खादी की जैकेट पहनी तो कम दिखने लगी उम्र

उन्होंने खादी में नई-नई डिजाइनें तैयार करने के लिए राष्ट्रीय फैशन तकनीकी संस्थान (निफ्ट), रायबरेली के विद्यार्थियों और शिक्षकों की प्रशंसा की। नजदीक में ही बैठे एक बुजुर्ग नेता की ओर इशारा करते हुए कहा कि जब इन्होंने निफ्ट की बनाई खादी की जैकेट पहनी तो इनकी उम्र कम दिखने लगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राजनीति में आने पर खादी पहनना शुरू किया। पहले कपड़ा काफी पतला मिलता था, बाद में उसे मोटा बुनवाया। आज भी कभी धोने के बाद कपड़ा सिकुड़ जाता है तो कभी बढ़ जाता है। खादी को प्रोत्साहन देने के लिए इन समस्याओं का हल ढूंढना होगा।

रायबरेली से निफ्ट शिफ्ट करना चाहती थी केंद्र सरकार
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह रायबरेली से निफ्ट को शिफ्ट करना चाहती थी, लेकिन हम इसके लिए तैयार नहीं हुए। केंद्र को नोएडा या लखनऊ में निफ्ट खोलने के लिए पत्र लिखा था। हम इसके लिए जमीन देने को भी तैयार हैं, लेकिन केंद्र ने अभी तक इस पर कोई जवाब नहीं दिया है।

अफसरों पर ली चुटकी

मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि तमाम अफसर नौकरी के बाद खादी पहनने के लिए उतावले रहते हैं। नौकरी के दौरान कम से कम रविवार को तो खादी पहन ही सकते हैं। कार्यक्रम में मौजूद सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जोहरा चटर्जी का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें खादी के विकास के लिए पांच करोड़ रुपये दिए गए थे। फिर हंसते हुए कहा कि यह बजट उन्होंने कहां खर्च किया, उन्हें इसका पता अभी तक नहीं चला है।

ब्रांडिंग पर चल रहीं बड़ी-बड़ी पार्टियां, खादी की भी करनी होगी ब्रांडिंग
खादी के बहाने सीएम अखिलेश यादव ने बड़ी राजनीतिक पार्टियों पर भी व्यंग के तीर चलाए। उन्होंने कहा कि जमाना ब्रांडिंग का है। बड़ी-बड़ी राजनीतिक पार्टियां सिर्फ ब्रांडिंग पर चल रही हैं। खादी की ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर भी हमें विशेष ध्यान देना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी को बढ़ावा देने के लिए उसे आधुनिक बाजार और फैशन की जरूरतों के हिसाब से बेहतर बनाना होगा। मौजूदा दौर में ब्रांडिंग की बेहद जरूरत है। इसके लिए विशेषज्ञ संस्थानों की मदद भी ली जानी चाहिए। प्रचार नहीं होगा तो खादी पीछे रह जाएगी।
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कुल साढ़े छह लाख बुनकरों को सीधे पहुंचा लाभ

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खादी वस्तुओं को बढ़ावा देने के लिए हर संभव मदद करेगी। सरकार ने खादी संस्थाओं के बकाया भुगतान के साथ ही खादी वस्त्रों पर छूट को बढ़ाया है। खादी बिक्री पर कुल 146.45 करोड़ रुपये का भुगतान कराते हुए 6 लाख 56 हजार कत्तिनों और बुनकरों को सीधे लाभ पहुंचाया गया।

सीएम ने बांटे चरखे
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड की पांच कत्तिनों को न्यू मॉडल चरखे बांटे। एक चरखे की कीमत साढ़े तेरह हजार रुपये है।

अधिकारियों ने बताया कि बांदा जिले में 25 चरखे और झांसी में 50 चरखे बांटे जाने हैं। इस अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को कर दी। इसके अलावा सीएम ने खादी परिधानों की प्रदर्शनी देखी तथा खादी के उत्पादों से संबंधित ब्रोशर का भी विमोचन भी किया।

पत्रकारों को खादी के कपड़े उपहार में देगी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी के प्रचार-प्रसार में पत्रकारों का अहम रोल है। इसलिए सरकार उपहारस्वरूप उन्हें खादी के कपड़े देगी। उन्होंने प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल को इसके लिए जरूरी व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।
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