अब्दुल कलाम जैसे साधारण लोग देश के राष्ट्रपति बन गए। उन्होंने बिल्कुल सही कहा था, कभी-कभी लास्ट बेंच पर बैठने वाले भी कमाल करते हैं। अब ये बात आप लोग हमसे मत पूछिएगा कि किस बेंच पर बैठते थे। ये बात आपको चीफ सेक्रेटरी साहब से पूछनी चाहिए क्योंकि वह सीनियर आईएएस अफसर हैं। ये बातें सीएम अखिलेश ने अमर उजाला के मेधावी सम्मान समारोह के दौरान बच्चों से कहीं।
लखनऊ के इंदिरा प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम अखिलेश ने कहा, राजनीति तो लास्ट ऑप्शन होता है। मैंने किसी स्टूडेंट से आज तक नहीं सुना कि वह नेता बनना चाहता है।
केवल पढ़ाई हो और अनुभव के साथ दूसरे हुनर न हों तो भी बेकार है। यूपी बोर्ड दुनिया का सबसे बड़ा बोर्ड है। करीब सवा करोड़ बच्चों ने यूपी बोर्ड पास किया है। सरकार के सामने बहुत बड़ी चुनौती है। हमें गर्व है कि सबसे युवा देश भारत है।
जैसा कि चीफ सेक्रेट्री साहब ने कहा कि बहुत से बच्चों को पता ही नहीं कि वे आगे क्या करना चाहते हैं। इसके लिए उनको करियर काउंसलिंग दी जानी चाहिए।
अगर देश में कलाम साहब का नाम लिया जाए जरा सोचिए कि वो कहां से कहां पहुंच गए। कलाम साहब के साथ और भी लोग हैं जिन्होंने गांव में रहकर नाम कमाया। अगर किसी ने लिंकन के बारे में पढ़ा होगा तो जानता होगा कि हर मोड़ पर असफलता देखने के बाद वह ताकतवर देश के राष्ट्रपति बन गए।