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हांगकांग की कंपनी से यूपी को मिलेगी ये मदद, यहां देखें

Tue, 14 Jun 2016 01:40 PM IST
महेंद्र तिवारी/अमरउजाला, लखनऊ

सार

  • नोएडा व आसपास इलाके में मांगी करीब 20 हजार वर्ग फीट जमीन
  • सन डिंग होल्डिंग के प्रतिनिधियों के साथ हुई अहम बैठक
  • ब्लड से प्लाज्मा अलग करने की यूनिट लगाना चाहती है कंपनी
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डेमो - फोटो : amarujala
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विस्तार
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हांगकांग की सन डिंग होल्डिंग कंपनी सूबे में 900 करोड़ रुपये निवेश करने को तैयार है। कंपनी यहां ब्लड से प्लाज्मा को अलग कर एल्बूमिन (ब्लड प्रोटीन) बनाने की यूनिट लगाना चाहती है। 
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इसके लिए राज्य सरकार से नोएडा व आसपास के इलाके में करीब 20 हजार वर्ग फीट जमीन की मांग की गई है। सरकार ने भी कंपनी को मेगा प्रोजेक्ट की सुविधाएं देने का आश्वासन दिया है। 

शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मौजूदा समय में यूपी में खून से प्लाज्मा अलग करने की यूनिट नहीं है। इस यूनिट में कंपनी ब्लड प्रोटीन ‘एल्बुमिन’ का उत्पादन करेगी।
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हाल ही इस संबंध में मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में कंपनी के सीईओ झांग झीनू, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर सन सियाई व वांग झेंग, इन्वेस्टर्स एडवाइजर (प्रोजेक्ट) संतोष पाई, इन्वेस्ट इंडिया टीम के राजा सिंह खुराना व दिवेन शर्मा और प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अरविंद कुमार की बैठक हो चुकी है।
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कंपनी चाहती है सरकार का सहयोग

डेमो
कंपनी एल्बुमिन बनाने की यूनिट को चलाने के लिए सूबे में 30 से 50 प्लाज्मा संग्रह केंद्र की भी स्थापना करेगी। ये केंद्र अमेरिकी व यूरोपियन मानक के होंगे।
  कंपनी इसमें भी सरकार का सहयोग चाहती है। इसके अलावा कंपनी ने यूनिट के लिए भू उपयोग अधिकार, बिजली व पानी की सप्लाई, टैक्स से जुड़ी सुविधाएं और 30 से 50 लोगों के वर्क वीजा की मांग की है। 

खून से प्लाज्मा को अलग कर जीवनरक्षक प्रोटीन बनाया जाता है लेकिन इसका कम उत्पादन होने की वजह से इससे तैयार होने वाली दवाइयां महंगी होती हैं। इस क्षेत्र में निजी निवेशकों के आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और उत्पाद की कीमतों में भी कमी आएगी।

देश में हर साल करीब 10 लाख लीटर प्लाज्मा की जरूरत है। पर, मौजूदा समय में महज डेढ़ लाख लीटर प्लाज्मा का उत्पादन हो रहा है। 

केंद्र सरकार अगले दो साल में इसे चार लाख लीटर तक पहुंचाना चाहती है। इन्वेस्ट इंडिया कार्यक्रम के तहत विदेशी निवेशकों को इस सेक्टर में आने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। 
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