मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक जनसुनवाई के दौरान दफ्तरों से गैरहाजिर रहने वाले जिला स्तरीय अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कमिश्नर और डीएम को निर्देश दिए कि वे जिला स्तरीय अधिकारियों के दफ्तरों में बेसिक फोन के चालू हालत में होने और जनसुनवाई के दौरान अफसरों की मौजूदगी को लेकर मासिक रिपोर्ट मुख्य सचिव को भेजें।
होगा अफसरों का मूल्यांकन
अखिलेश ने कहा कि अधिकारियों के काम का मूल्यांकन इस आधार पर होगा कि जनसुनवाई के दौरान उनसे कितने लोग मिले और उनकी समस्याओं के निबटारे के लिए क्या कदम उठाए गए।
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने बताया कि फील्ड में तैनात प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के लिए प्रत्येक कार्य दिवस में सवेरे 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अपने कार्यालय में जनसामान्य की समस्याओं व शिकायतों को सुनकर प्रभावी कार्रवाई करने की व्यवस्था है।
सभी अफसरों के बेसिक फोन चालू रहें
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि जनपदीय अधिकारियों के कार्यालयों के बेसिक फोन चालू हालत में होने चाहिए, जिससे कि उनसे बात की जा सके।
उन्होंने कहा है कि सभी मंडलायुक्त व जिलाधिकारी सुनिश्चित करें कि सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के कार्यालयों के बेसिक फोन नंबर चालू रहें। जिस अधिकारी के कार्यालय में फोन नंबर आवंटित नहीं है, वहां प्राथमिकता के आधार पर बेसिक फोन कनेक्शन लगवाए जाएं।
जिलों की वेबसाइट पर प्रदर्शित हों नंबर
सभी दफ्तरों में बेसिक फोन लगे होने तथा इसके चालू होने का प्रमाण पत्र जिलाधिकारी 11 अगस्त तक मुख्य सचिव कार्यालय में भेजें।
बेसिक फोन नंबरों का मीडिया के जरिये व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। दफ्तरों की दीवार पट्टिका और जिले की वेबसाइट पर इन नंबरों को अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए।