यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि हमने चार साल तक काम किया है, जिसके आधार पर हम जनता के बीच जाएंगे। मुख्तार अंसारी जैसे लोग हमारी पार्टी में नहीं आएंगे।
अखिलेश ने यह बातें लखनऊ में एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में कही। मुख्यमंत्री से सवाल किया गया था कि कि डीपी यादव की एंट्री रोकने वाले अखिलेश अब चाचा (शिवपाल) के फैसले का विरोध नहीं कर पा रहे हैं?
अखिलेश ने जवाब दिया, प्रदेश अध्यक्ष व सीएम के नाते जिस मंच पर मुझे विरोध करना चाहिए था, वह मैंने किया। मुख्तार जैसे लोग पार्टी में नहीं आएंगे।
गौरतलब है कि पहले भी मुख्यमंत्री अखिलेश मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल (कौएद) का सपा में विलय का विरोध जता चुके थे, इसे लेकर उन्होंने इसकी पैरवरी करने वाले माध्यमिक शिक्षा मंत्री को बर्खास्त कर अपनी नाराजगी दिखाई थी।
वहीं, कौमी एकता दल के विलय का फैसला पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक में कैंसिल होने के बाद पार्टी सांसद राम गोपाल यादव ने भी कह दिया है कि मुख्यमंत्री कौएद के सपा में विलय से नाराज थे।