यूपी के 2017-18 के बजट का आकार तो फाइनल हो गया है, लेकिन इसमें शामिल योजनाओं में काट-छांट अभी भी जारी है। सरकार लोक कल्याण संकल्प पत्र के ज्यादा से ज्यादा वादे आगामी बजट में लाने का प्रयास कर रही है। योगी सरकार का पहला बजट 11 जुलाई को पेश होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संकेत दिया है कि उनकी सरकार का बजट करीब चार लाख करोड़ के आसपास रहेगा। प्रदेश कैबिनेट बजट के आकार को पहले ही मंजूरी दे चुकी है। पर, बजट में शामिल की जाने वाली योजनाओं पर माथापच्ची अभी जारी है।
सूत्रों ने बताया कि बजट में शामिल कुछ नई योजनाओं के बजटीय आवंटन में कमी की गई है तो कुछ के बजट को बढ़ाया गया है। कुछेक योजनाओं को ड्रॉप कर कुछ नई योजनाएं जोड़ी भी गई हैं।
यूपी सरकार ने निर्माण परियोजनाओं के लिए विभिन्न विभागों को वित्तीय संस्थाओं से ऋण लेने का फरमान सुनाया था। उनके द्वारा लिए जाने वाले ऋण पर चालू वित्त वर्ष में अदा किए जाने वाली ब्याज की रकम का भी बजट में बंदोबस्त कर दिया गया है।