मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के 30वें दिन तक ही अखिलेश सरकार के बेहद करीबी अफसरों को किनारे लगा दिया।
बीते दिन ही 44 आईएएस अधिकारियों की तैनाती में फेरबदल किया। योगी सरकार का यह दूसरा बड़ा प्रशासनिक फेरबदल है। एक महीने के अंदर करीब 70 अधिकारियों के तबादले हो चुके हैं।
मंगलवार को हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल में अखिलेश यादव सरकार में चर्चा में रहे एलडीए वीसी सत्येंद्र सिंह को हटाकर वेटिंग में डाल दिया गया। उनकी जगह बस्ती के डीएम प्रभु नारायण सिंह को एलडीए का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
इसके अलावा सचिव एवं अपर आवास आयुक्त आवास विकास परिषद, आवास आयुक्त, निदेशक नगर भूमि सीमारोपण के पद पर तैनात रुद्र प्रताप सिंह को भी हटा दिया गया है और वेटिंग में रखा गया है।
बता दें कि पहले राउंड के तबादले में अखिलेश सरकार में अहम भूमिका में रहे प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल व प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री रहीं अनीता सिंह सहित कई चर्चित अफसरों को हटाकर वेटिंग में डाला गया था।
पिछली सरकार में था जलवा, अब वेटिंग
नवनीत सहगल
- फोटो : amar ujala
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी को प्रमुख सचिव सूचना सहित वो सभी जिम्मेदारियां सौंपी गईं हैं जो सहगल के पास थीं।
प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल का पिछली सपा और बसपा राज में एक जैसा जलवा रहा था। वह दोनों सरकारों में अहम भूमिका में रहे। अब उनको दी गई सभी जिम्मेदारियों से हटाकर प्रतीक्षा में डाल दिए गए।
इसके अलावा प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास रमारमण का भी सपा और बसपा राज में एक जैसा जलवा रहा। दोनों ही सरकारों में उनकी नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी में तैनाती रही।
उनकी तैनाती को लेकर हाईकोर्ट तक ने तल्ख टिप्पणी की, लेकिन अखिलेश सरकार ने उन्हें नोएडा में बनाए रखने के लिए पूरी ताकत लगा दी। बाद में जब हटाना पड़ा तो तीनों ही प्राधिकरणों पर नियंत्रक की भूमिका वाली प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास की कुर्सी सौंप दी।
मुलायम की करीबी अनीता का भी छीना पावर
अनीता सिंह
इसके अलावा नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण का चेयरमैन भी बनाए रखा। रमारमण की नोएडा में तैनाती के दौरान ही यादव सिंह को अच्छी तरह से फलने-फूलने का मौका मिला। रमारमण अब वेटिंग में हैं।
अखिलेश यादव के साथ लगभग पूरे समय सचिव या प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री की भूमिका में रहीं अनीता सिंह भी वेटिंग में हैं। अनीता को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव का भरोसेमंद माना जाता रहा है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री के सचिव के रूप में लंबे समय तक तैनात रहे सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आमोद कुमार, सचिव आवास एवं शहरी नियोजन पंधारी यादव को कम महत्व का माने जाने वाले राजस्व परिषद, इलाहाबाद में बतौर सदस्य भेजा गया है।
ग्रेटर नोएडा व नोएडा के सीईओ दीपक अग्रवाल, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विजय कुमार यादव को हटाकर वेटिंग में रख दिया गया है।