प्रदेश के हर सहायक मंडलीय शिक्षा अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी दफ्तर में बड़ी संख्या में ऐसे बाबू हैं जो लंबे समय से एक ही पटल पर कार्यरत हैं। इनमें सामग्री खरीद, मिड-डे मील, वेतन-भत्ते व पेंशन से संबंधित पटल पर जमे बाबुओं की संख्या ज्यादा है।