डेंगू की पुष्टि होने के बाद मरीज को इंदिरा नगर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां सुधार न होने पर तीमारदार उसे कृष्णानगर स्थित एक बड़े निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां शनिवार रात मौत हो गई।
तीमारदारों का आरोप है कि इलाज के नाम करीब आठ लाख रुपये निजी संस्थानों ने वसूल लिए। इंदिरा नगर मानस इंक्लेव के आसपास डेंगू को लेकर दहशत है। इलाके में डेंगू की रोकथाम के लिए फॉगिंग, एंटीलार्वा का छिड़काव न होने का आरोप लगाया है।
निजी अस्पतालों से मांगा गया है रिकॉर्ड
निजी अस्पतालों में हुई मौतों का रिकॉर्ड मांगा गया है। मौत डेंगू से हुई या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए डेथ ऑडिट कराया जाएगा। - डॉ. केपी त्रिपाठी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी
वहीं कृष्णानगर स्थित एक बड़े निजी हॉस्पिटल में भर्ती प्रयागराज निवासी डेंगू मरीज जसमीत सिंह (26) की मौत के बाद बवाल के दौरान तीमारदारों से मारपीट का मामला भी सामने आया है। तीमारदारों ने बताया कि अस्पताल के गार्डों ने उनके साथ मारपीट की।
परिवारीजनों का आरोप है कि समय पर मरीज का इलाज नहीं शुरू हुआ। इलाज में कोताही से मरीज की मौत हुई। तीमारदारों ने बताया कि मरीज की हालत गंभीर होने पर शुक्रवार को कृष्णा नगर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां जसमीत को आईसीयू में भर्ती किया गया। शनिवार रात जसमीत की मौत हो गई।