विभाग ने ऐसे क्लर्कों का कॉमर्शियल टैक्स अफसर पद पर प्रमोशन किया था। लेकिन 30 लिपिकों ने प्रमोशन पद ठुकरा दिया है। इनमें ज्यादातर पश्चिमी यूपी में तैनात लिपिक शामिल हैं।
अधिकतर ने पारिवारिक परिस्थितियों को कारण बताकर प्रमोशन पद छोड़ा है।
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित वाणिज्य कर आयुक्त दफ्तर के जाइंट कमिश्नर (स्थापना) विनोद कुमार सिंह ने कॉमर्शियल टैक्स अफसर पद पर कार्य भार ग्रहण न करने वाले ऐसे लिपिकों की सूची जारी की है।
इनमें कानपुर व बरेली के दो- दो, मेरठ के चार, सहारनपुर, गाजियाबाद, झांसी और अलीगढ़ एक-एक, के दो, आगरा के चार, लखनऊ के लखनऊ तीन बाबू शामिल हैं।
महकमे ने भी इन क्लर्कों के प्रार्थना पत्र पर उनका प्रमोशन निरस्त कर दिया है।
विभागीय सूत्र बताते हैं कि ‘बाबू जी’ रहते हुए बिना टेंशन के पूरी कमाई होती, वह भी उसी शहर में जहां पर लंबे अरसे से वे कुंडली मारे बैठे हैं।