भारतीय जनता पार्टी की विवादित सीडी ‘भारत की पुकार’ की जांच के मामले में 15 नवंबर को ही पुलिस गुपचुप आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। नामजद आरोपियों में से चार को क्लीन चिट भी वह दे चुकी है। जिन्हें क्लीन चिट दी गई है उनमें राजनाथ सिंह और लालजी टंडन के नाम शामिल हैं।
पुलिस ने चार्जशीट में कुल सात लोगों को आरोपी बनाया है। सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को राज्य सरकार से इस मामले में अब तक क्या किया गया, इसका ब्यौरा तलब किया था।
प्रकरण में पुलिस की विवेचना को लेकर आला अफसरों को सोमवार रात तक कोई जानकारी ही नहीं थी। यहां तक मामले की जांच करने वाले कृष्णानगर के सीओ भी यही जवाब देते रहे कि जांच बंद हो चुकी है, लेकिन किस स्थिति में है यह उन्हें नहीं मालूम।
बहरहाल, मंगलवार को सामने आया कि इस मामले की न सिर्फ जांच पूरी हो चुकी है बल्कि अदालत में आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका है।
आईजी कानून-व्यवस्था सतीश गणेश ने कहा, सुप्रीम कोर्ट की ओर से मांगी गई जानकारियों को लेकर औपचारिक आदेश नहीं मिल सके हैं। आदेश मिलने पर अदालत ने जिन बिंदुओं पर जानकारी मांगी होगी, वह मुहैया कराई जाएगी।
सात लोगों के खिलाफ चार्जशीट
पता चला है कि लखनऊ पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर इस साल जनवरी में ही आरोपपत्र तैयार कर मुकदमा चलाने की मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेज दिया गया था।
सरकार ने अगस्त में पुलिस को अभियोजन की स्वीकृति दे दी थी। इस पर लखनऊ पुलिस ने 15 नवंबर को लखनऊ में अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।
आरोपपत्र सात नामजद आरोपियों के खिलाफ है। इसमें भाजपा के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष सहारनपुर निवासी अल्पना तलवार के अलावा सीडी के निर्देशक चौधरी वीरेंद्र सिंह पवार, लाल बहादुर माहेश्वरी, प्रवेश गुज्जर, अमित, लोकेश व शहजाद के नाम शामिल हैं।
आरोपपत्र में कहा गया है कि सीडी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष के आवास पर उनकी निगरानी में तैयार की गई। बाकी के जो आरोपी हैं वे सीडी बनाने व उसे बांटने में सहायक रहे।
इन्हें दे चुकी है क्लीन चिट
जिनके नाम जांच से बाहर किए गए हैं, उनमें भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह, तत्कालीन भाजपा विधायक लालजी टंडन के अलावा सुनीता व केसी अस्थाना के नाम शामिल हैं।
पुलिस ने इनकी सीडी के निर्माण या उसके वितरण में सीधी संलिप्तता नहीं पाई। पड़ताल में तो इस बात को लेकर भी संशय जताया गया है कि जिन राजनाथ को नामजद किया गया है वे पार्टी अध्यक्ष नहीं बल्कि कोई और हैं।
दो मुकदमे दर्ज हुए थे इस मामले में
वर्ष 2007 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा नेता लालजी टंडन के एकप्रेस कॉन्फ्रेंस में जारी की गई इस विवादित सीडी को हिंदू-मुस्लिम में नफरत फैलाने वाला पाया गया था। सीडी में अयोध्या विवादित ढांचा, गोहत्या व गोधरा के संबंध में कुछ अंश थे, जिन पर आपत्ति हुई थी।
इस तरह की गई मामले की जांच
इस मामले में चुनाव आयोग के आदेश पर हजरतगंज के तत्कालीन इंसपेक्टर आदेश शर्मा ने 5 अप्रैल 2007 को और दूसरा मुकदमा मुख्य निर्वाचन आयुक्त अनुज कुमार विश्नोई की ओर से इसी कोतवाली में 6 अप्रैल 2007 को दर्ज कराया गया था।
आईजी कानून-व्यवस्था सतीश गणेश ने बताया कि दोनों ही मामलों को एक में करके जांच की गई थी। पहले लखनऊ पुलिस ने जांच की, फिर एसआईएस (विशेष जांच शाखा) को जांच दी गई और बाद में फिर लखनऊ पुलिस के एक राजपत्रित अधिकारी ने यह जांच की।