क्षेत्राधिकारी गोमतीनगर ने विस्तृत जांच रिपोर्ट में बताया कि अंबी बिष्ट करीब 22 साल से एलडीए में नियुक्त थीं। नवागत वीसी प्रभु एन सिंह को राजनैतिक घराने से ताल्लुक रखने वाली आवेदिका के परिवार के नाम कई भूखंड आवंटित होने की सूचना मिली। तबादला होने के बाद की कार्रवाई और भूखंड के आवंटन के निरस्तीकरण से दोनों में वैचारिक मतभेद दिख रहे हैं।
अंबी बिष्ट ने जेवरात कार्यालय में रखे होने का भी कोई साक्ष्य नहीं दिया। ऐसे में कोई संज्ञेय अपराध एलडीए के अधिकारियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया नहीं बनता है। इस रिपोर्ट के आधार पर सीजेएम कोर्ट ने अपील खारिज कर दी है।