आबकारी मंत्री ने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत विभिन्न दुकानदार जिनके लाइसेंस की वैधता एक वर्ष है, से वार्षिक लाइसेंस फीस को दोगुना लेते हुए इसे एकमुश्त दो वर्ष के लिए किया जा सकेगा।
नई दुकानों के सृजन के लिए आबकारी आयुक्त को अब 10 प्रतिशत के स्थान पर केवल एक प्रतिशत और मॉडल शॉप की दुकानों को दो प्रतिशत दुकानों के सृजन का अधिकार होगा। इससे अधिक की आवश्यकता पर शासन की अनुमति लेनी होगी।
ई-लॉटरी से होगा भांग की दुकानों की आवंटन
अब भांग की दुकानों का आवंटन भी ई-लॉटरी के जरिये होगा। पहले भांग की दुकानों का आवंटन टेंडर और नीलामी से होता था। एक जिले में एक व्यक्ति को अधिकतम दो दुकानें ही आवंटित की जाएंगी।
वहीं, शराब की दुकानों के आवंटन के लिए सह आवेदक की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। यहां भी एक आवेदक को एक जिले में दो से अधिक दुकानें आवंटित नहीं की जाएंगी। इसके अलावा दुकानों के आवेदन के लिए हैसियत प्रमाणपत्र के स्थान पर इंकम टैक्स वैल्यूएटर द्वारा दिए गए प्रमाणपत्र भी मान्य होंगे।
आबकारी मंत्री ने बताया कि थोक दुकानों पर पाए जाने वाली अनियमितता और निर्धारित शर्तों के उल्लंघन के मामलों में आसवानियों पर अब जुर्माना भी लगाया जाएगा। इसके तहत आसवानियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि आपूर्ति इंडेंट प्राप्ति से 3 दिन के भीतर करनी होगी।
इससे अधिक समय लगने पर संबंधित राजस्व का 0.5 प्रतिशत प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त इंडेंट प्राप्ति के दो दिन के भीतर सन्निहित प्रतिफल शुल्क को राजकोष में जमा न किए जाने पर पांच हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगेगा।
ट्रैक एंड ट्रेस के लिए लेंगे निजी कंपनियों की मदद
विभागीय मंत्री ने बताया कि शराब की बोतलों के ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम की व्यवस्था लागू की गई थी, जो पूरी तरह से सफल नहीं हो पाई है। अभी तक यह काम एनआईसी कर रही थी, लेकिन इसे सुचारु रूप से व्यवस्थित करने के लिए प्रोफेशनल कंपनी की मदद ली जाएगी।