251 करोड़ रुपये से शहर बनेगा स्मार्ट, 15 अगस्त से शुरू होगा कमांड कंट्रोल
शहर की सुविधाओं को स्मार्ट बनाने के लिए 251.66 करोड़ के नए कार्यों को कराए जाने की मंजूरी मिल गई है।
बुधवार को मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई स्मार्ट सिटी बोर्ड की बैठक में सात नए प्रोजेक्ट समेत पहले से चल रही 16 योजनाओं पर और आगे बढ़ाने के प्रस्ताव स्वीकृत कर दिए गए।
वहीं, 382 करोड़ की उन योजनाओं को निरस्त कर दिया गया है जिनको लेकर विवाद या गैर-जरूरी होने की स्थिति बनी हुई थी।
बुधवार को लखनऊ स्मार्ट सिटी की बोर्ड बैठक मंडलायुक्त अनिल गर्ग की अध्यक्षता में हुई।
इसमें डीएम कौशल राज शर्मा, सीईओ व नगरायुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी, केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय से निदेशक संजय कुमार, सचिव लखनऊ विकास प्राधिकरण मंगला प्रसाद सिंह, अपर निदेशक आरसीयूईएस एके गुप्ता शामिल हुए।
नगर आयुक्त व स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि स्मार्ट सिटी में बस शेल्टर, पब्लिक टायलेट, ओपन जिम, वेस्ट वाटर रियूज सहित काफी योजनाएं चल रही हैं।
उनमें जो बजट रह गया था, उससे और कार्य कराने के लिए प्रस्ताव पास किया। इसके अलावा सात नई योजनाओं को भी पास किया गया है। उन पर भी 106 करोड़ से अधिक का बजट खर्च होगा। बोर्ड ने उसकी मंजूरी दे दी।
15 अगस्त से दिखेगा स्मार्ट सिटी का काम
नगर आयुक्त ने बताया कि बैठक में कमांड कंट्रोल सेंटर और चारबाग रेलवे स्टेशन की फसाड लाइटिंग के काम को पूरा कर 15 अगस्त से पहले हर हाल में चालू किए जाने का प्रस्ताव भी पास कर दिया गया। इसकी शुरूआत स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कर दी जाएगी। कमांड कंट्रोल सेंटर 15 अगस्त से काम शुरू कर देगा। इसके लिए कमांड कंट्रोल सेंटर की टेस्टिंग का काम शुरू हो गया है। चारबाग रेलवे स्टेशन पर फसाड लाइटिंग की गई है। उसका कुछ काम बाकी है वह पूरा कर 15 अगस्त तक हर हाल में लाइटिंग चालू कर दी जाएगी।
इन नई योजनाओं पर खर्च होंगे 106 करोड़
चकबस्त कोठी की जमीन पर भूमिगत पार्किंग, मछली मार्केट कैसरबाग व कलेक्ट्रेट परिसर में पार्किग, एरिया बेस्ट डवलपमेंट क्षेत्र में 12 पार्कों का पुनर्विकास और हेरीटेज क्षेत्र का विकास। इसमें कलैक्ट्रेट परिसर की बहुमंजिला पार्किंग के पर 23.75 करोड़ रुपये खर्च होगा। कैसरबाग क्षेत्र में 11.50 करोड़ रुपये खर्च कर आरएफआईडी टैगिंग का काम शुरू कराया जाएगा। कैसरबाग के ही 12 पार्कों के विकास पर 4.11 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा।
इन योजनाओं पर खर्च होंगे 145.66 करोड़
रोड स्वीपिंग मशीन, स्मार्ट बस शेल्टर, स्ट्रीट लाइट मीटिरिंग, सिटी सर्विलासं सिस्टम, नाइट शेल्टर, वेस्ट वाटर रीयूज ट्रीटमेंट सिस्टम, स्मार्ट पार्किंग सोल्यूशन, यूटीलिटी डक्ट, पार्कों का सौंदर्यीकरण व ओपेन जिम, वाई फाई हाट स्पाट पब्लिक कम्यूनिटी टायलेट रूफटाफ सोलर सिस्टम। अलग सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट पार्किंग सॉल्यूशन लगाने के लिए 21.48 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 60 करोड़ रुपये लेसा के यूटिलिटी डक्ट बनाने पर खर्च होने हैं। हाथी पार्क व चाइना बाजार में वेस्ट वाटर रीयूज प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए 8.33 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। पूरे शहर में स्मार्ट सिटी सर्विलांस के संचालन के लिए भी 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
382 करोड़ रुपये की परियोजनाएं निरस्त
स्मार्ट सिटी बोर्ड बैठक में 382.23 करोड़ रुपये की आठ परियोजनाओं को निरस्त कर दिया गया है। इसके पीछे गैर जरूरी या विवाद की स्थिति होना बताया गया है। इसमें ठंडी सड़क कैसरबाग पर अवध वॉक, रफा ए आम में कल्चरल क्लब, साइकिल ट्रैक बनाने, मॉरिश मार्केट का पुर्नविकास, कैसरबाग मछली मंडी में पीपीपी मॉडल पर भूमिगत पार्किंग, ग्लोब पार्क में भूमिगत पार्किंग, गोमती तट विकास परियोजना, भूमिगत केबलिंग जैसे काम शामिल हैं। मछली मंडी में अब पार्क़िग निर्माण ईपीसी मोड से किया जाएगा।