लखनऊ। एसजीपीजीआई के डॉक्टरों ने पांच साल के बच्चे के गुर्दे में पनपे गंभीर कैंसर का सफल ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई। कैंसर शरीर की मुख्य नस इन्फीरियर वेना कावा (आईवीसी) तक फैल चुका था। पीडियाट्रिक सर्जरी विभागाध्यक्ष के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने करीब जोखिम भरी सर्जरी कर ट्यूमर को हटाया। ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत में सुधार है। अब उसे कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी दी जाएगी।
संस्थान के वरिष्ठ पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. बसंत कुमार ने बताया कि कानपुर निवासी बच्चे के पेट में करीब एक साल से गांठ थी। जांच में विल्म्स ट्यूमर की पुष्टि हुई। यह बच्चों में होने वाला गुर्दे का गंभीर कैंसर है। ट्यूमर बढ़कर शरीर की मुख्य नस तक पहुंच गया था। कानपुर के निजी अस्पताल में पांच चरण की कीमोथेरेपी के बाद बच्चे को बेहतर इलाज के लिए एसजीपीजीआई रेफर किया गया।
डॉक्टरों ने गुर्दा निकालकर नस से कैंसर का थक्का भी हटाया
डॉ. बसंत कुमार के मुताबिक नेफ्रोयूरेटेरेक्टॉमी विद आईवीसी थ्रॉम्बेक्टॉमी के तहत बच्चे का दाहिना गुर्दा और नली निकालने के साथ मुख्य नस से ट्यूमर का थक्का भी हटाया गया। ट्यूमर लिवर के पीछे की मुख्य नस और बायें गुर्दे की नस तक फैल चुका था। ऑपरेशन के दौरान इसे भी निकाल दिया गया।
गांठ को नजरअंदाज न करें
डॉ. बसंत ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चे के पेट में गांठ या असामान्य सूजन दिखे तो तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें। समय पर जांच और इलाज से बीमारी पर काबू पाया जा सकता है।