इस्माइलगंज की गर्भवती को रविवार को लोहिया संस्थान में भर्ती कराया गया था। प्रसव के बाद उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जबकि उसके बच्चे को बचाया नहीं जा सका। मीडिया प्रभारी डॉॅ. श्रीकेश सिंह ने बताया कि कई तरह की जटिलताएं होने के कारण बच्चे को नहीं बचाया जा सका।
इन इलाकों से भी मिले मरीज
राजाजीपुरम में तीन के अलावा फैजुल्लागंज व न्यू हैदराबाद में दो-दो लोग संक्रमित मिले हैं। डायल 112 का एक कर्मचारी पॉजिटिव पाया गया है। इसके अलावा बारी बाजार, खरगापुर, विजयनगर, चौक, हिन्दनगर, कृष्णानगर, गुलिस्ता कॉलोनी में एक-एक मरीज मिला। सेंट्रल बार के उपाध्यक्ष भी कोरोना पॉजिटिव निकले। यहियागंज बाजार के एक कारोबारी की पत्नी और बच्चा संक्रमित आया है।
नवजात को कहां से मिला संक्रमण, मंथन शुरू
एक दिन के बच्चे को वायरस कहां से मिला, इसे लेकर लोहिया संस्थान की टीम मशक्कत में जुटी हुई है। मीडिया प्रभारी डॉ. श्रीकेश सिंह का कहना है कि प्रसव के बाद नवजात को मां का दूध दिया जाता है। पहले भी इस तरह के प्रसव होते रहे हैं, लेकिन बच्चा पॉजिटिव नहीं मिला।
वहीं, केजीएमयू के संक्रामक रोग नियंत्रण यूनिट प्रभारी डॉ. डी हिमांशु का कहना है कि ऐसे मामलों में अभी कोई दावा नहीं किया जा सकता। भारत ही नहीं दूसरे देश में भी अध्ययन के दौरान अलग-अलग नतीजे आए हैं। इस पर विभिन्न यूनिवर्सिटी में केस स्टडी हो रही है। प्रसव के बाद मां से बच्चे में संक्रमण होना आश्चर्य की बात नहीं है।
सेंट्रल बार के उपाध्यक्ष ध्रुव सिंह केे कोरोना पॉजिटिव निकलने की सूचना से कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। इस पर जिला जज एके ओझा ने परिसर को दो दिन के लिए बंद कर सैनिटाइज करने का निर्देश दिया। अब कोर्ट दो जुलाई को खुलेगी। सोमवार को कोर्ट खुलने के साथ ही सूचना मिली कि सेंट्रल बार के उपाध्यक्ष को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर केजीएमयू में भर्ती कराया गया है।
इस पर सेंट्रल बार के महासचिव संजीव पांडेय ने जिला जज को पत्र लिखकर परिसर बंद कर सैनिटाइजेशन की अपील की। इस पर जिला जज ने कोर्ट परिसर 30 जून और एक जुलाई को बंद करने का आदेश जारी किया। एडीजे अविनाश सक्सेना, हरेंद्र बहादुर सिंह और सीजेएम शिवानन्द के निर्देशन में सैनिटाइजेशन होगा।
केजीएमयू में कार्यरत पिता-पुत्र की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं, पत्नी को सैंपल लेकर होम क्वारंटीन कर दिया गया है। केजीएमयू के रिसर्च सेल में कार्यरत कर्मचारी की पत्नी वित्त नियंत्रक कार्यालय में है। बेटा भी यूनिवर्सिटी में संविदा पर है। सोमवार को कर्मचारी और उसके बेटे की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई।
इस दौरान वित्त नियंत्रक कार्यालय में कार्यरत महिला ड्यूटी पर आ गई। मामले की जानकारी मिलते ही आनन-फाइन उसे घर भेज क्वारंटीन रहने को कहा गया। इसके बाद वित्त नियंत्रक कार्यालय को सैनिटाइज कराया गया। कार्यालय 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है। इस दौरान कुलसचिव कार्यालय के कर्मचारियों में आक्रोश दिखा। उनका कहना था कि कुलसचिव कार्यालय के ऊपर ही वित्त नियंत्रक कार्यालय है। दोनों का रास्ता एक ही है। ऐसे में कुलसचिव कार्यालय भी सैनिटाइज कराया जाना चाहिए।