राममंदिर निर्माण में हो रही देरी को लेकर संतों में व्यग्रता बढ़ती जा रही है। राममंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की ओर से पीएम मोदी को पत्र भेजकर अतिशीघ्र अयोध्या आकर राममंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन की अपील की जाएगी।
अयोध्या का संत समाज चाहता है कि वर्चुअल या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से नहीं, पीएम मोदी स्वयं अयोध्या आकर राममंदिर का भूमि पूजन करें। संतों की इच्छा है कि 2022 में रामलला के भव्य गर्भगृह में रामनवमी मनाई जाए।
यह बातें महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने कहीं। उन्होंने कहा कि सावन मास में भूमि पूजन कर मंदिर निर्माण का प्रारंभ किया जा सकता है। लाखों रामभक्तों की इच्छा है कि शीघ्र ही भव्य मंदिर का निर्माण शुरू हो।
हमारी इच्छा है कि प्रधानमंत्री अयोध्या आकर भूमिपूजन करें। वीडियो कांफ्रेसिंग या वर्चुअल तरीके से भूमि पूजन उचित नहीं है। पांच सौ वर्षों बाद यह शुभ अवसर आया है। श्रीरामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास, पौराणिक पीठ नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास भी कहते हैं कि अब राममंदिर निर्माण में देरी नहीं होनी चाहिए।
वर्षों के संघर्ष का प्रतिफल के रूप में राममंदिर निर्माण होने जा रहा है, इसलिए प्रधानमंत्री मोदी खुद अयोध्या आकर भूमि पूजन करें, यही संत समाज की इच्छा है। विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या आकर भूमि पूजन करें। चाहे इसमें थोड़ा सा समय ही लग जाए।
मंदिर मॉडल में नहीं होगा बदलाव
राममंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास का कहना है कि अब राममंदिर के प्रस्तावित मॉडल में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। विहिप के मॉडल के अनुसार राममंदिर का निर्माण होना चाहिए, यह लाखों रामभक्तों की भावना से जुड़ा मामला है।
हम 2022 की रामनवमी भव्य गर्भगृह में मनाना चाहते हैं, यह तभी संभव है जब इसी मॉडल पर मंदिर का निर्माण हो। रही बात मंदिर की भव्यता की तो पूरा मंदिर सोने का बना दिया जाएगा, राममंदिर निर्माण में धन की कोई कमी आड़े नहीं आएगी।