प्रदेश में कोरोना टीकाकरण की निगरानी मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली स्क्रीनिंग कमेटी करेगी। कमेटी पूरे प्रदेश में टीकाकरण की लगातार समीक्षा करके अगर कहीं कोई समस्या आती है तो उसका निराकरण कराएगी। दूसरी तरफ अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स टीकाकरण से संबंधित सभी गतिविधियों पर नजर रखेगी और इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी।
वैक्सीन के सुरक्षित परिवहन, भंडारण व कोल्ड चेन के साथ-साथ टीकाकरण की रणनीति को अंतिम रूप दे रही प्रदेश सरकार ने पहले चरण में करीब 16 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने की योजना केंद्र को भेजी है। सबसे पहले हेल्थ वर्कर, डॉक्टर, नर्सिंग स्टॉफ का टीकाकरण होगा। फिर फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगाया जाएगा और इसके बाद 50 साल से ऊपर के लोगों का टीकाकरण होगा।
सूत्रों का कहना है कि अभी तक केंद्र के साथ हुए विचार-विमर्श के आधार पर कार्ययोजना तैयार की गई है। मुख्य सचिव आरके तिवारी का कहना है कि मुख्यमंत्री ने सारी तैयारियां 15 दिसंबर तक पूरी कर लेने को कहा है। तय समय में सारी व्यवस्थाएं कर ली जाएंगी। केंद्र से मंजूरी मिलते ही प्रदेश में गाइडलाइन के अनुसार वैक्सीनेशन शुरू किया जाएगा।