एफएसडीए से जुड़े मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि एक तय मात्रा के तहत सरसों के तेल में मिलाए जाने वाले दूसरे तेलों के सम्मिश्रण को ही ब्लेंडिंग कहते हैं। अभी तक सरसों के तेल में 20 फीसद तक ब्लेंडिंग होती थी। इस पर रोक लगाने के पीछे तर्क था कि शुद्ध सरसों इस्तेमाल होने से सरसों की खपत बढ़ेगी।
वहीं ब्लेंडिंग की आड़ में चल रहे मिलावट के धंधे पर भी रोक लगेगी। रोक के बाद से फुटकर बाजार में ब्रांडेड कंपनियों के सरसों तेल की कीमत में लगातार बढ़ोतरी हुई है। रोक वापस लेने के निर्देश के बाद अब सरसों तेल की कीमतों में जल्द ही कमी देखने को मिलेगी।