हड़ताल से कामकाज प्रभावित होने की सूचना के चलते प्रदेश सरकार ने बुधवार दोपहर मंच के अध्यक्ष डॉ. दिनेशचंद शर्मा और संघर्ष समिति के चेयरमैन शिवबरन सिंह यादव को पत्र भेजकर समझौता वार्ता के लिए बुलाया था। पर, एक घंटा की वार्ता के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल पाया।
जानकारी के मुताबिक, वार्ता में मुख्य सचिव डॉ. अनूपचंद्र पांडेय ने नई पेंशन में सरकार का अंश 10 से बढ़ाकर 14 प्रतिशत तुरंत करने और पेंशन मद का बकाया 10,500 करोड़ रुपये कर्मचारियों, शिक्षकों और अधिकारियों के खाते में जमा कराने का आश्वासन दिया। भले ही कर्मचारियों का अंश काटा गया हो या न काटा गया हो। इस पेंशन को आयकर से मुक्त रखने का भी आश्वासन दिया गया, लेकिन मंच के नेता इससे सहमत नहीं हुए।
उन्होंने मुख्य सचिव के समक्ष गारंटीड पेंशन की मांग रखी, लेकिन इस पर मुख्य सचिव कोई ठोस आश्वासन नहीं दे पाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव कार्मिक, अपर मुख्य सचिव वित्त, अपर मुख्य सचिव सूचना, प्रमुख सचिव गृह भी शामिल थे।
बाबा हरदेव सिंह, एमएलसी चेत नारायण सिंह ने भी वार्ता में हिस्सा लिया। मंच के मीडिया प्रभारी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि वार्ता विफल होने के बाद नेताओं ने महाहड़ताल जारी रखने का निर्णय किया।