मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रत्येक जिले में लोन मेला आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्तियों को लोन मेले के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण उपलब्ध कराया जाए। बैंकों को शाखावार लक्ष्य तय किये जाने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टैंड अप इंडिया स्कीम के माध्यम से प्रत्येक बैंक शाखा कम से कम एक अनुसूचित जाति व जनजाति और एक महिला उद्यमी को ऋण उपलब्ध कराए। इससे प्रदेश के 36 हजार अनुसूचित जाति व जनजाति एवं महिला उद्यमियों को लाभ मिलेगा।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि 14 मई से अब तक प्रदेश की 6.24 लाख नई एमएसएमई इकाइयों को बैंकों ने 18330 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया है। आत्मनिर्भर भारत पैकेज के अंतर्गत इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम के माध्यम से पूर्व संचालित 4.37 लाख एमएसएमई इकाइयों को कुल 10,847 करोड़ रुपये का ऋण दिया जा चुका है। इस तरह से बैंकों के माध्यम से विभिन्न श्रेणी की एमएसएमई इकाइयों को 29 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया है।